(भारत की पहली महिला सी-प्लेन पायलट प्रियंका मनुजा )
मुंबई. साईंभक्तों के लिए खुशखबरी है, अब मुंबई से शिर्डी, शनिशिंगनापुर और मेहेराबाद जैसे धार्मिक स्थलों तक सी-प्लेन के जरिए पहुंचा जा सकेगा। सी-प्लेन ने हाल ही में मुंबई के जुहू से शिर्डी के लिए पहली उड़ान भरी। जिसे भारत की पहली महिला सी-प्लेन पायलट प्रियंका मनुजा ने उड़ाया। अब हर गुरुवार को मुंबई से शिर्डी के लिए दो उड़ानें होंगी। यह फ्लाइट अहमदनगर स्थित राहुरी के मूला बांध में लैंड होगी। जो मुंबई से शिर्डी तक 45 मिनट का समय लेगी और उड़ान की टिकट 5,444 है। प्रियंका के नाम पहली भारतीय महिला सी-प्लेन पायलट होने का रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्होंने मुंबई से लोनावाला, शिर्डी जैसे कई स्थानों तक सी-प्लेन उड़ाया है।
अंडमान-निकोबार में कर चुकी हैं काम
प्रियंका भारत की पहली महिला सी प्लेन पायलट हैं। इसके पहले वे अंडमान-निकोबार में स-प्लेन उड़ाती थी। प्रियंका कहती हैं कि अंडमान-निकोबार द्वीप की भौगौलिक स्थिति असामान्य है, जिस वजह से यहां सी प्लेन उड़ना किसी चैलेंज से कम नहीं है।
सी-प्लेन से जुड़ी खास बातें..
- एक सी-प्लान को 100 किमी लंबी दूरी को तय करने में 25 मिनट का समय लगता है, जो सड़क मार्ग पर लगने वाले समय का एक-चौथाई मात्र है।
- सी-प्लेन को तकनीकी आधार पर दो रूप में विभाजित किया जाता है, फ्लोटिंग प्लेन और फ्लाइंग बोट। कुछ जगह सी-प्लेन को हाइड्रो प्लेन के नाम से भी पुकारा जाता है।
- सी-प्लेन पानी और जमीन दोनों जगहों पर उतरने और उड़ान भरने में सक्षम होता है।
- एक साधारण सी-प्लेन में एक समय पर दो चालक और आठ यात्री बैठ सकते हैं।
- उड़ान के दौरान सी-प्लेन को एक साधारण हवाई जहाज की तरह ही कन्ट्रोल किया जाता है।
- नागरिक उड्डयन की नीतियों के मुताबिक सी-प्लेन की सेवा देने के लिए सौ फीसदी विदेशी निवेश की मंजूरी है।
- यात्रियों को सुरक्षित सेवा देने के लिए और किनारों से विमान तक पहुंचाने के लिए स्पीड बोट का इस्तेमाल किया जाएगा।
- वर्ल्ड वार-2 में भी हुआ था सी-प्लेन का इस्तेमाल।
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