मुंबई. आय से अधिक संपत्ति को लेकर विवादों में घिरे राज्य के पूर्व मंत्री विजय कुमार गावित व उनकी पत्नी की आमदनी का आकलन का काम पूरा करने में 2015-16 तक का समय लगेगा। इसके अलावा उनकी अचल संपत्ति का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी ठाणे के अधिकारी को दी गई है। आयकर विभाग की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में इस बात का खुलासा किया गया है।
नाशिक के आयकर आयुक्त रविंद्र कुमार जैन की ओर से दायर हलफनामे के मुताबिक संपत्ति के एसेसमेंट का काम जारी है। इसे पूरा होने में 2016 तक का समय लगेगा। जैन ने यह हलफनामा समाजिक कार्यकर्ता विष्णु मुसले की ओर से दायर जनहित याचिका के जवाब में दायर किया है। याचिका में गावित की संपत्ति की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन करने की मांग की गई है। याचिका में गावित पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। न्यायमूर्ति अभय ओक की खंडपीठ ने फिलहाल मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी है।
दो माह में भरें रिक्त पद : अदालत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी आथॉराइजेशन कमेटी में रिक्त पदों को भरने के लिए दो माह का समय दिया है। न्यायमूर्ति अभय ओक की खंडपीठ ने सिंध्दांत पाल की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील को इस याचिका में दायर किए गए सभी आदेशों की प्रति भी पेश करने को कहा है। याचिका में दावा किया गया है कि पद रिक्त होने के कारण किडनी प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों में देरी होती है।
न्यायधीशों के पद भरने तीन हफ्ते का समय
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को महिलाओं से जुड़े अपराधों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की खातिर आवश्यक न्यायाधीशों के पदों की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया को तीन हफ्ते में पूरा करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की खंडपीठ ने सरकार को इस संबंध में जरुरी प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखने को कहा है। हाईकोर्ट ने सरकार को जूनियर डिवीजन व जिला न्यायाधीशों के पदों की मंजूरी के संबंध में तीन हफ्ते में एक रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।
इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विहार धुर्वे ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायाधीशों के 10 प्रतिशत पद सृजित करने का निर्देश सरकार को देने की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक केंद्र सरकार ने इसके लिए 80 करोड़ रुपए दिए हैं।