मुंबई. मुख्यमंत्री कोटे से फ्लैट आवंटन में गड़बड़ी की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने के लिए राज्य सरकार तैयार हो गई है। सोमवार को राज्य के महाधिवक्ता डेरिस खंबाटा ने न्यायाधीश अभय ओक न्यायाधीश गिरीष कुलकर्णी की खंडपीठ को इसकी जानकारी दी। इस पर खंडपीठ ने महाधिवक्ता को जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर एक मसौदा देने का निर्देश दिया।
अधिकारी करेंगे सहयोग
महाधिवक्ताने कहा कि मुख्यमंत्री कोटे से म्हाडा नगरविकास विभाग से फ्लैट आवंटित किए गए हैं। इसके लिए हम जांच में सहयोग के लिए न्यायाधीश को एडीशनल कलेक्टर संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी मुहैया कराएंगे।
1982 से आवेदनों की होगी जांच
सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुख्य रूप से 1982 से फ्लैट को लेकर किए गए आवेदनों का सत्यापन करेंगे। पता लगाएंगे कि जिसे फ्लैट आवंटित किया गया है वह उसके लिए पात्र था या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि नियमों के खिलाफ फ्लैट प्राप्त करनेवाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। खंडपीठ ने कहा कि वे अगले सोमवार को इस मामले को लेकर आदेश देंगे।
आपराधिक मामला नहीं होगा वापस
खंडपीठने साफ किया कि यदि कोई फ्लैट लौटाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके खिलाफ जारी आपराधिक मामले वापस होंगे। मुख्यमंत्री कोटे से फ्लैट आवंटन में हुई धांधली को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता केतन तिरोडकर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।