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फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने अमित शाह को जानबूझकर फंसाया - वकील

7 वर्ष पहले
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मुंबई. सीबीआई की विशेष कोर्ट में मंगलवार को सोहराबुद्दीन व तुलसीदास प्रजापति कथित फर्जी मुठभेड़ मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आवेदन पर सुनवाई हुई। शाह ने कोर्ट से खुद को आरोपमुक्त किए जाने की मांग की है। सुनवाई के दौरान शाह के वकील एसवी राजू ने दलीलें पेश की। कहा, ‘मेरे मुवक्किल (अमित शाह) को सीबीआई ने जानबूझकर तब के अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर सोहराबुद्दीन व तुलसीदास प्रजापति मुठभेड़ में फंसाया था। अमित शाह बदले की राजनीति का शिकार हुए हैं।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई का उद्देश्य अमित शाह को सिर्फ गिरफ्तार करके गुजरात की भाजपा सरकार की छवि धूमिल करना था। गौरतलब है कि मामले में जांच एजेंसी ने 4 सितंबर 2012 को आरोपपत्र दायर किया था।
यह सब कांग्रेस का षड्यंत्र है
राजू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ऐसा कोई निर्देश नहीं था कि शाह पर अलग से एफआईआर दर्ज की जाए। इसके बावजूद सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। यह सब कांग्रेस का षड्यंत्र था। सीबीआई का गलत इस्तेमाल करके शाह को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया, क्योंकि गुजरात में कांग्रेस कुछ नहीं कर पा रही थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस मामले को लेकर कदम उठाए गए हैं, वह पूरी तरह से संदेहास्पद हैं।