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मुख्य सचिव, आयकर विभाग और बिल्डरों को हाईकोर्ट का नोटिस

8 वर्ष पहले
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मुंबई। बिल्डरों पर सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर अकूत पैसा कमाई का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव,आयकर विभाग व कई नामी-गिरामी बिल्डरों को नोटिस जारी किया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एस जे वजीफदार व न्यायमूर्ति बीपी कुलाबावाला की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई छह सप्ताह के बाद रखी है।

याचिका में मुंबई-ठाणे मनपा आयुक्त, लोढा बिल्डर, दीवान बिल्डर,एचडीआईएल,रुणवाल, कोनवुड, अजमेरा व कल्पतरु को प्रतिवादी बनाया गया है। यह याचिका ठाणे निवासी विक्रांत कर्णिक ने एक टीवी चैनल द्वारा ऑपरेशन ब्लैक मनी नामक स्टिंग आपरेशन के आधार पर दायर की है। इससे पहले उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था।

हाईकोर्ट ने पत्र का संज्ञान लेने के बाद उसे जनहित याचिका में परिवर्तित किया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील आशीष मेहता ने कहा कि पार्किंग की जगह काफी ज्यादा कीमत पर बेची जाती है। बिल्डर अपनी सुविधा के हिसाब से नगद पैसे लेते हैं। शेष रकम कालेधन के रूप में लेते हैं।