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इबोला के नियंत्रण को लेकर मुंबई हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दी निर्देश

7 वर्ष पहले
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मुंबई. इबोला के नियंत्रण हेतु मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरह नागपुर व पुणे एयरपोर्ट पर भी इंतजाम किए गए हैं या नहीं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह केंद्र सरकार को सत्यापित करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति अभय ओक व न्यायमूर्ति गिरीष कुलकर्णी की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई हुई।
सिर्फ स्कैनर उपलब्ध नहीं
इस दौरान सरकारी वकील मौलीना ठाकुर ने कहा कि हमने नागपुर व पुणे एयरपोर्ट पर वे सारे इंतजाम किए हैं जो मुंबई एयरपोर्ट पर किए गए हंै। लेकिन हमारे पास स्कैनर उपलब्ध नहीं है इसलिए वहां पर स्कैनर नहीं लगाए गए हैं। हमने केंद्र सरकार को स्कैनर उपलब्ध कराने के लिए आग्रह पत्र लिखा है। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के सहायक निदेशक डा.श्याम सुंदर निमागडे का हलफनामा भी पेश किया।
आग्रह पत्र मिला
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील रुई राड्रिक्स ने कहा कि हमें आग्रह पत्र मिला है। लेकिन ज्यादातर अधिकारी जम्मू-कश्मीर में बाढ़ राहत कार्य में व्यस्त हंै। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पहले वे यह सत्यापित करंे कि नागपुर में हेल्थ स्क्रीनिंग की वे सारी सुविधाएं उपलब्ध है कि नहीं जो मुंबई में उपलब्ध है।
पोर्ट पर क्या इंतजाम किए ?
इस दौरान खंडपीठ ने सरकार को यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि इबोला प्रभावित देशों से बांबे पोट्र ट्रस्ट व जेएनपीटी पोर्ट पर आनेवाले जहाजों में मौजूद लोगों की जांच के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है। सामाजिक कार्यकर्ता केतन तिरोडकर ने इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर की है।