मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह अफजल खान की कब्र पर आने जाने पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस ले। सोमवार को हाईकोर्ट ने यह बात सरकार की ओर से प्रतिबंध को लेकर जारी आदेश का आधार स्पष्ट नहीं कर पाने के बाद कही। न्यायमूर्ति अभय ओक व न्यायमूर्ति गिरीष कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि क्या सरकार वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल किए बगैर किसी स्थान पर नागरिकों के प्रवेश को बाधित कर सकती है।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अभिनंदन व्याज्ञानी सरकार की ओर से 16 अगस्त 2013 को कब्र पर जाने के प्रतिबंध से जुड़े आदेश का आधार स्पष्ट नहीं कर सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि खंडपीठ गृह विभाग को इस मामले में नया आदेश जारी करने का निर्देश दे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कब्र पर आने जाने पर प्रतिबंध गया था। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पहले सरकार अपना आदेश वापस ले। इसके बाद हम निर्देश देंगे।
क्या है मामला : गौरतलब है कि महाराष्ट्र लोकार्पण नामक संस्था ने सातारा स्थित प्रतापगढ़ किले के नीचे बनी कब्र पर आम लोगों के जाने पर पाबंदी हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की है। याचिका के मुताबिक सातारा स्थित प्रतापगढ़ किले के नीचे बनी अफजल खान की कब्र एक ऐतिहासिक जगह है। यदि इसे आम जनता के लिए खोला जाता है तो इससे लोगों को इतिहास को बेहतर ढंग से समझाने में मदद मिलेगी। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर को रखी है।