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हिंदी दिवस: हिंदी बोलकर खुश होते हैं अमेरिकी राजनयिक जेफरी एलिस

7 वर्ष पहले
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मुंबई. भारत में लोग भले ही अंग्रेजी में बातचीत कर गर्व महसूस करते हों, पर मुंबई में रहने वाले एक अमेरिकी राजनयिक हिंदी बोलकर खुश होते हैं। मुंबई स्थित अमेरिकी वणिज्य दूतावास में प्रेस अधिकारी जेफरी एलिस का कहना है कि हिंदी की वजह से पिछले दिनों वे लालबाग के राजा का दर्शन कर पाए। उनका कहना है कि इसकी वजह से वे यहां के लोगों के साथ जल्द घुल-मिल जाते हैं। एलिस ने शनिवार को हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दैनिक भास्कर को हिंदी दिवस की बधाई दी।
उन्होंने बताया, ‘वर्ष 2007 में उत्तराखंड में रहने के दौरान मैंने हिंदी सीखी। वहां हिंदी बोलना ही सीख पाया था। हिंदी पढ़ना-लिखना मुंबई में ही सीखा। बीते 8 सितंबर को गणेश विसर्जन के दिन मैं मुंबई के गिरगांव चौपटी गया था। मैंने लालबाग के राजा के बारे में काफी सुन रखा था। इसलिए मैं भी उनके दर्शन करना चाहता था। मैंने वहां जुटे लोंगों से हिंदी में पूछा कि लालबाग के राजा कहां हैं। उनमें से कुछ लोग मुझे उस जगह लेकर गए जहां लालबाग के राजा की सवारी पहुंची थी।’

बॉलीवुड के करीब : अमेरिकी होने के बावजूद एलिस आम भारतीयों की तरह हिंदी फिल्में पसंद करते हैं। अमिताभ बच्चन की डॉन फिल्म बेहद पसंद है। एलिस इस फिल्म का मशहूर संवाद- डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, भी सुनाते हैं। अक्षय कुमार की राउडी राठौर और
फोटो- मुंबई स्थित अमेरिकी वणिज्य दूतावास में प्रेस अधिकारी जेफरी एलिस