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डाउनलोड करेंमुंबई. केंद्रीय कृषिमंत्री शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वाली राज्य महिला आयोग की सदस्य आशा मिरगे का बचाव किया है। सुले ने कहा कि मिरगे ने जो कहा वह घर की बुजुर्ग महिलाएं युवतियों को समझाने के लिए कहती रहती हैं। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में सुले ने कहा कि मिरगे ने महिलाओं के लिए काफी कार्य किया है। उन्होंने कई दुष्कर्म पीडि़तों के पुनर्वास में भी मदद की है।
मिरगे ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। इसलिए यह मामला समाप्त किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि, राज्य महिला आयोग की सदस्य व राकांपा नेता डा. मिरगे ने नागपुर में पार्टी के कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को कहा था कि लड़कियों की बॉडी लैंग्वेज ऐसी नहीं होनी चाहिए कि संभावित दुष्कर्मियों का ध्यान उन पर जाए।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई लड़की देर रात को फिल्म देखने क्यों गई थी। इस बारे में लड़कियों को बहुत सावधान रहना चाहिए कि वह क्या पहन रही हैं और कब बाहर जा रही हैं। उनकी 'बॉडी लैंग्वेज' ऐसी नहीं होनी चाहिए कि सड़कों पर घूम रहे संभावित दुष्कर्मियों का ध्यान उन पर जाए।
मिरगे से राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगा जवाब
राष्ट्रीय महिला आयोग ने आशा मिरगे को नोटिस भेजा है। महाराष्ट्र महिला आयोग की सदस्य मिरगे को उनके बयान पर एक हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है। मिरगे ने एनसीपी के एक कार्यक्रम में दुष्कर्म के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया था। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य निर्मला समंत प्रभावलकर ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति की ओर से ऐसा बयान आना शर्मनाक है।
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