नागपुर. श्रम विभाग के प्रधान सचिव अरिवंद कुमार को जबरन अवकाश पर भेजा गया है। 1985 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार ने नीरी गेस्ट हाऊस में सरकारी कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवहार किया था।
क्या है मामला
विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के लिए नागपुर आए अरविंद कुमार नीरी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। आरोप है कि दो दिन पहले कुमार ने शराब के नशे में यहां तैनात कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवहार किया।
सीएम के आदेश पर कार्रवाई
कर्मचारी संगठन ने इसकी शिकायत संबंधित विभाग के मंत्री से की थी। मामला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचा। इसके बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय ने उन्हें पद से हटा दिया है। फिलहाल श्रम विभाग का प्रभार बलदेव सिंह को सौंपा गया है।
पहले भी रहे हैं विवादों में
अरविंद कुमार अपने गुस्सैल स्वभाव के चलते पहले भी विवादों में रहे हैं। 2007 में उत्तर प्रदेश में आम चुनाव के दौरान चुनाव पर्यवेक्षक के रुप में कुमार बहराईच गए थे। वहां कुमार ने बीएसएफ जवान की कारबाईन छीनने की कोशिश की थी। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी के निर्देश पर राज्य सरकार ने अरविंद कुमार को निलंबित कर दिया था। 2009 में उन्हें बतौर वस्त्रोद्योग विभाग सचिव बहाल किया गया था।