(फोटो- हरिदास भदे)
अकोला. सन 2009 में हुए जिले के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को किसी भी निर्वाचन क्षेत्र सफलता नहीं मिली। केंद्र एवं राज्य में आघाड़ी की सत्ता होने के कारण इस दौर में जिले के किसी भी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया। अक्टूबर में विधानसभा के चुनाव अपेक्षित है। चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों में हलचलें बढ़ गई हैं। संभावित प्रत्याशी अपने आप को सुर्खियों में रखने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के बाद राजनीतिक दल किसे टिकट देते हैं इस पर विधानसभा का भविष्य निर्भर रहेगा।
अकोला पूर्व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में सन 2009 में यहां से 16 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था, लेकिन आपसी तालमेल के अभाव में विजय मालोकार एवं गुलाबराव गावंडे के बीच मतों का विभाजन होने से भारिप के हरिदास पंढरी भदे दूसरी बार 48,438 वोटों से जीत गए। पूर्व राज्यमंत्री गुलाबराव गावंडे को 34,194 वोट मिले। अकोला पश्चिम से लगातार चौथी बार भारतीय जनता पार्टी के गोवर्धन मांगीलाल शर्मा विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस के रमाकांत उमाशंकर खेतान को 32, 246 के मुकाबले 44,156 मत लेकर शिकस्त दी।
अकोला पश्चिम से 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मूर्तिजापुर निर्वाचन क्षेत्र से 10 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था जिसमें भाजपा के हरीश मारोतीआप्पा पिंपले 50,333 वोट लेकर विजयी रहे। यहां भारिप बमसं के बलदेव पलसपगार 34,975 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। राकां की प्रतिभा अवचार तीसरे स्थान रहीं। भारिप एवं राकां के बीच वोटों का बंटवारा होने से यहां भाजपा जीती। अकोट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के संजय लक्ष्मण गावंडे ने अत्यंत कम बहुमत लेकर जीत दर्ज की। उन्हें 37,834 वोट मिले जबकि उनके प्रतिव्दंदी कांग्रेस के सुधाकर रामकृष्ण गणगणे 950 वोटों से चुनाव हार गए। यहां भारिप की ओर से प्रभाकर मानकर तीसरे स्थान पर रहे। अकोट से कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
बालापुर निर्वाचन क्षेत्र से 14 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे थे। यहां भी विजयी उम्मीदवार की जीत का अंतर लगभग 1500 रहा। यहां 29,581 वोट लेकर बलीराम सिरस्कार विजयी रहे। जो पहले निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरे थे। बाद में भारिप ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। यहां भाजपा के नारायण गव्हाणकर तीसरे स्थान पर रहे। जनस्वराज्य शक्ति के नितीन टाले 25 हजार से अधिक वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे। इस बार अकोला जिले की इन पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा-सेना अपने प्रत्याशी खड़े कर रही है जबकि कांग्रेस-राकां, भारिप की ओर से भी यहां प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
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