नई दिल्ली/ मुंबई. 16वीं लोकसभा के गठन को आठ माह पूरे हो चुके हैं, लेकिन महाराष्ट्र के सांसद विकास कार्यों पर खर्च के मामले फिसड्डी साबित हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी व रामटेक से सांसद कृपाल तुमाने को छाेड़कर अधिकतर ने विकास कार्यों पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। राज्य में कुल 48 सांसद हैं।
उल्लेखनीय है कि विकास कार्यों के लिए सांसद निधि की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेंशन के ताजा आंकडों में इस बात का खुलासा हुआ है। हालांकि कुछेक सांसदों के मुताबिक उन्हें िवभिन्न कारणों से निधि प्राप्त नहीं हो सकी है। पर हकीकत यह भी है कि अधिकतर सांसद अभी तक खर्च को लेकर विकास कामों की कार्ययोजना ही नहीं बना पाए हैं।
जिलाधिकारी ने नहीं रिलीज किया पैसा: तड़स
वर्धा से भाजपा सांसद रामदास तड़स का कहना है कि केंद्र से निधी मिल गई है, लेकिन यहां के जिलाधिकारी ने यह पैसा रिलीज ही नहीं किया है। निधि के लिए मैं महीनों से लगा हुआ हूं। चार सांसदों- रक्षा खडसे, डॉ. सुभाष भामरे, रविंद्र गायकवाड और प्रीतम मुंडे को भी पहली किश्त नहीं मिल पाई है। वहीं अधिकतर सांसदों द्वारा अभी तक खर्च को लेकर विकास कामों की कार्ययोजना ही नहीं बनाने की बात सामने आयी है।
जून में भेजा खाता नंबर, नवंबर में मिला पैसा: तुमाने
सांसद तुमाने ने बताया कि सांसद निधी के लिए जून माह में ही बैंक खाता नंबर संबंधित मंत्रालय को भेज दिया था, लेकिन पैसा नहीं मिल पाया था। विभाग की अधिकारी ने बैंक अकाउंट नंबर में एक डिजिट कम होना इसका कारण बताया। नवंबर में यह पैसा खाते में जमा हुआ है। उसके बाद 2 करोड़ 78 लाख के कामों की शुरुआत कर दी गई है।
110 करोड़ मिल चुके पहली किश्त के रूप में
आंकड़ों के मुताबिक मई 2014 से 1 जनवरी 2015 के बीच देशभर के सांसदों को कुल 1242 करोड़ रुपए स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत पहली किश्त के रूप में जारी किए गए। महाराष्ट्र के सांसदों को पहली किश्त के रूप में कुल 110 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं, लेकिन आठ माह बीत जाने के बावजूद अधिकतर सांसदाें के हिस्से की निधि जस की तस पड़ी है। केवल गडकरी व तुमाने ने अपने हिस्से के क्रमशः 2 करोड़ 40 लाख और 2 करोड़ 18 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं।