पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

उपचुनाव में भाजपा की हार से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेताओं के चेहरे खिले

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोल्हापुर. उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में हुए उपचुनाव में भले ही राकांपा की कोई भागीदारी न हो पर मंगलवार को उपचुनावों के परिणाम ने राकांपा नेताओ के चेहरों पर रौनक ला दी है। उपचुनाव में भाजपा की हार से कोल्हापुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करने के लिए जुटे राकांपा नेताओं में नया जोश दिखाई दिया। कोल्हापुर के गांधी मैदान पर आयोजित राकांपा की पहली चुनाव सभा को संबोधित करते हुए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि उपचुनाव के परिणाम भाजपा के लिए निराशाजनक हंै। सिर्फ 3 महीने में ही जनता ने उन्हें नकार दिया। मोदी लहर में कोल्हापुर से लोकसभा चुनाव जीतने वाले राकांपा सांसद धनंजय महाडिक कहते हैं कि उपचुनाव परिणाम ने साबित कर दिया है कि देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मोहभंग हो चुका है।
उन्होंने दावा किया की महाराष्ट्र में मोदी लहर जैसी कोई चीज़ नहीं है। जनता ने देख लिया कि मोदी सरकार अपने वादे पूरे करने में पूरी तरह विफल रही है। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री जयंत पाटील ने उपचुनाव परिणाम की चर्चा करते हुए कहा कि जिस यूपी, राजस्थान व गुजरात में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को भारी जीत मिली थी। चार महीने बाद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। सुबह चुनाव परिणाम सामने आने के बाद हालात बदल गए हैं।
राज्य के गृहमंत्री आर आर पाटील ने उपचुनाव परिणाम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब साबित हो गया है कि मोदी लहर ख़त्म हो चुकी है। यूपी में जिस तरह भाजपा का सफाया हुआ। उससे पता चलता है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का जादू समाप्त हो गया है। पाटील ने कहा की लोकसभा चुनाव परिणाम को देश भूल चूका है। आप लोग भी भूल जाओ। उन्होंने कहा कि उपचुनाव का ऐसा परिणाम देखने के बावजूद भाजपा नेता कह रहे है कि अभी भी मोदी लहर चल रही है।
वरिष्ट राकांपा नेता छगन भुजबल ने कहा कि उपचुनाव का परिणाम देखा, मोदी लहर समाप्त हो गई अब राकांपा की लहर पैदा होगी। प्रदेश राकांपा अध्यक्ष सुनील तटकरे ने उत्तरप्रदेश के उपचुनाव परिणाम की चर्चा से ही अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा की यूपी के अखिलेश यादव व उनके पिता मुलायम सिंह यादव को बदनाम किया जा रहा था। आज वहां की जनता ने जवाब दे दिया। उपचुनाव का परिणाम धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने वाला है।