नई दिल्ली/ मुंबई. केंद्र सरकार देश भर के रेलवे स्टेशनों पर मेडिसिन स्टॉल (जनौषधि केंद्र) खोलने की तैयारी में है। इस संबंध में नीति तैयार कर ली गयी है और सरकार इसको जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रयासरत है। रसायन व उर्वरक राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने सोमवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सरकार जिला अस्पतालों के अलावा रेलवे स्टेशनों और ईएसआई अस्पतालों में जनौषधि केंद्र खोलने की तैयारी में जुटी है।
महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों को पत्र लिखकर प्रत्येक जिला सरकारी अस्पतालों में जनौषधि केंद्र शुरू करवाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि संसद सत्र समाप्त होने के बाद वह राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों सहित इससे संबंधित लोगों को प्रजेंटेशन देंगे। जनौषधि केंद्र खुलवाने के लिए सरकार ने पहले दो लाख रुपए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया था, लेकिन अब इसमें 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी।
आवंटन के लिए विस्तृत प्रक्रिया
जनौषधि केंद्र खोलने के संबंध में आवंटन प्रणाली, लाइसेंस शुल्क का निर्धारण, नवीकरण, बिक्री हेतु अनुमेय मदों आदि के संबंध में विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है। बता दें की अब तक देश भर में करीब सौ जनौषधि केंद्र खुल पाएं हैं।
संप्रग सरकार की थी योजना
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर जनौषधि केंद्र स्थापित करने की घोषणा 2008 में हुई थी, जिसको मोदी सरकार कार्यान्वित करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि आम यात्रियों को 20 से 30 फीसदी तक सस्ती दवाएं मुहैया कराने की यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस-नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में कामयाब नहीं हो पाई थी।