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हाईकोर्ट का फरमान : जेल जाने से बचाना है तो समाजसेवा करो

7 वर्ष पहले
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मुंबई. मारपीट के आरोप में पकड़े गए चार युवक जेल जाने से तो बच गए, पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबक के रुप में चारों को आर्थर रोड जेल जाकर विचाराधीन कैदियों के जमानत आवेदन तैयार करने का निर्देश दे दिया। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने यह निर्देश चारों युवकों की समाज सेवा करने की पेशकश किए जाने के बाद दिया। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को आपसी सहमति के तहत खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति वीएम कानडे व न्यायमूर्ति प्रमोद कोदे की खंडपीठ ने इन युवकों को कैंसर रिसर्च सोसायटी में दो सप्ताह के भीतर दो हजार रुपए भी जमा करने को कहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ इन युवकों को जेल के माहौल से व वहां पर रह रहे विचाराधीन कैदियों की स्थिति से अवगत करना है ताकि भविष्य में वे दोबारा ऐसी हरकत न करें। खंडपीठ ने युवकों को विचाराधीन कैदियों से बातचीत करके चार हफ्ते के भीतर जमानत आवेदन तैयार करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने जेल अधीक्षक को उनके काम में सहयोग करने को कहा है।
क्या है मामला
इससे पहले युवकों की ओर से पैरवी कर रहे वकील सदानंद शेट्टी ने कहा कि चार में से तीन युवक कार्यरत हैं जबकि एक होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है। 22 अक्टूबर 2010 को इनका एक युवक से झगड़ा हुआ था। 29 अक्टूबर 2010 को पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 324,323 व 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के दिन ही चारों को जमानत मिल गई थी।पुलिस ने 4 जुलाई 2011 को आरोपी युवकों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। उन्होंने कहा कि यह मामला मामूली मारपीट से जुड़ा है । इसे शिकायतकर्ता व आरोपियों के परिवारवालों ने मिलकर आपसी सहमति से सुलझा लिया है।
इस पर खंडपीठ ने कहा कि हम एफआईआर रद्द कर देंगे पर इन चारों युवकों को समाज सेवा करनी पड़ेगी और मुआवजा भी देना होगा। इस पर युवकों ने कहा कि समाजसेवा के रूप में रक्तदान शिविर का आयोजन करेंगे।
जेल का देखें माहौल
इसे देखते हुए खंडपीठ ने कहा कि मामले से जुड़े युवक शिविर आयोजित करने की बजाय आर्थर रोड जेल जाकर विचाराधीन कैदियों से बातचीत करके उनके जमानत आवेदन तैयार करें, वहां के माहौल को देखें और कैदियों की स्थिति के बारे में एहसास करे। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हम इन युवकों को मदद के लिए एक प्रशिक्षु वकील मुहैया कराएंगे जो इन युवकों को जमानत आवेदन तैयार करने में मदद करेंगे।