चंद्रपुर/गड़चिरोली/वर्धा/यवतमाल अमरावती। जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए रविवार को गड़चिरोली, चंद्रपुर, वर्धा, यवतमाल और अमरावती जिले में चुनाव हुए। इस चुनाव में चंद्रपुर में जहां भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा वहीं गड़चिरोली में राकांपा ने।
चंद्रपुर जिला परिषद में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की उम्मीदवार संध्या गुरुनुले अध्यक्ष और कल्पना बोरकर उपाध्यक्ष बनीं। कांग्रेस सदस्य के तटस्थ रहने तथा राष्ट्रवादी के एक सदस्य द्वारा खुलेआम भाजपा के पक्ष में मतदान करने से आघाडी को जिला परिषद की सत्ता से दूर होना पड़ा।
57 सदस्यों वाली चंद्रपुर जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष भाजपा के संतोष कुंभरे तथा पूर्व उपाध्यक्ष राकांपा के संदीप गड्डमवार के कार्यकाल खत्म होने पर 21 सितंबर को चुनाव हुआ। जिप अध्यक्ष पद इस बार ओबीसी महिला के लिए आरक्षित था। चुनाव में संध्या गुरुनुले को 30 वोट तो ज्योति जयस्वाल को 26 वोट मिले। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए कल्पना बोरकर को 30 तो अमर बोडलावार को 26 वोट मिले। कांग्रेस सदस्य चित्रा डांगे ने तटस्थ रहकर किसी को वोट नहीं किया।
गड़चिरोली जिला परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के लिए रविवार को संपन्न चुनाव में राकांपा प्रणीत महाआघाडी ने अपना परचम लहराया है। राकांपा के परशुराम कुत्तरमारे अध्यक्ष चुने गए हैं जबकि 13 सदस्य संख्या के साथ सबसे बड़े दल के रूप में रही कांग्रेस को बिखराव के चलते उपाध्यक्ष पद से ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस के जीवन पाटील नाट उपाध्यक्ष बने हैं।
अमरावती जिला परिषद में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के सतीष उईके और उपाध्यक्ष पद पर संजय खोड़के गट के सतीष हाडोले को निर्विरोध चुना गया। के लिए 2 नामांकन और उपाध्यक्ष पद के लिए 3 नामांकन दाखिल किए गए। इसमें कांगे्रस की ओर से सतीष उईके, भाजपा की ओर से जयप्रकाश पटेल शामिल हैं लेकिन चुनाव अधिकारी ने पटेल का पर्चा निरस्त कर दिया। उपाध्यक्ष पद पर खोड़के गट से सतीष हाडोले, भाजपा से जयप्रकाश पटेल व शिवसेना के कृष्णराव पटेल ने फार्म भरा। लेकिन उपाध्यक्ष पद से जयप्रकाश पटेल ने और शिवसेना के कृष्णराव पटेल ने अपना फार्म वापस लिया।
वर्धा जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए रविवार को हुए चुनाव में भाजपा की चित्रा रननवरे व निर्दलियों की आघाड़ी के विलास कांबले चुने गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के 4 सदस्य, राकांपा के 4 सदस्य व भाजपा का एक सदस्य अनुपस्थित रहे। इस दौरान किसी बात को लेकर दोनों दलों के कुछ सदस्यों में जमकर हाथापाई हुई। 51 सदस्यीय वर्धा जिला परिषद का अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। चित्रा रननवरे को 25 वोट मिले तथा पराजित प्रत्याशी प्रा. उषाकिरण थुटे को 19 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद चुनाव में निर्दलीय विलास कांबले को 25 वोट मिले व राकांपा के पराजित प्रत्याशी संजय कामनापुरे को 19 वोट मिले।
यवतमाल जिला परिषद में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में राकांपा की डॉ. आरती फुफाटे को अध्यक्ष एवं कांग्रेस के बालासाहेब मांगुलकर को उपाध्यक्ष चुन लिया गया। दोनों प्रत्याशियों ने सेना-भाजपा प्रत्याशियों को 26 वोटों से पराजित कर जि.प. पर एक बार फिर राकां-कांग्रेस का परचम फहराने में सफलता हासिल की। तमाम अटकलों के बीच आखिरकार आज कांग्रेस तथा राकां ने मिलकर जिला परिषद में अपनी सत्ता स्थापित कर ही दी।
राकांपा के कंद बने अध्यक्ष, वांजले उपाध्यक्ष
पुणे जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदीप कंद तथा उपाध्यक्ष पद पर शुक्राचार्य वांजले की नियुक्ति की गई।जिला परिषद के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद की ढाई साल की अवधि खत्म होने के कारण रविवार को इन पदों के लिए चुनाव हुआ। कलेक्टर सौरभ राव की उपस्थिति में सुबह 11 बजे चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव आवेदन दाखिल करने का समय दोपहर एक बजे तक था। अध्यक्ष पद के लिए कंद के अलावा शिवसेना की स्वाति टकले तथा कांग्रेस की सुरेखा मुंढे ने आवेदन भरा था। स्वाति तथा सुरेखा ने आवेदन वापस ले लिया। इसके चलते कंद की निर्विरोध नियुक्ति की गई।
उपाध्यक्ष पद के लिए भी वांजले के अलावा शिवसेना के गुलाबराव वरघड़े, कांग्रेस की ऋतुजा पाटील तथा मनीषा काकड़े ने आवदेन भरा था लेकिन वरघड़े, पाटील तथा काकड़े ने आवेदन वापस ले लिया। इसके चलते वांजले की भी उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध नियुक्ति की गई।