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दावोस दौरा: महाराष्ट्र में और निवेश कर सकती हैं विदेशी कंपनियां

8 वर्ष पहले
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मुंबई। नागपुर, पुणे व नई मुंबई में प्रस्तावित नए एअरपोर्ट समेत महाराष्ट्र में निवेश के मुद्दे पर कई विदेशी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के दावोस दौरे में इन कंपनियों के प्रमुखों ने इस बारे में चर्चा की और सकारात्मक संकेत दिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार दावोस में जारी विश्व आर्थिक फोरम की बैठक के दौरान औद्योगिक निवेश संबंधी बैठकों का सिलसिला चल रहा है। इस दौरे में राज्य के प्रमुख अधिकारी भी चव्हाण के साथ गए हैं। दौरे के पहले ही दिन दुनिया की प्रमुख खाद्यतेल उत्पादक कंपनी कारगिल, कोल्ड्रिंक व शराब बनाने वाली सैबमिलर, जापान ट्रेड आर्गनाइजेशन व जुरिक एअरपोर्ट के अधिकारियों से मुख्यमंत्री की भेंट हुई।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने नागपुर, पुणे व नई मुंबई में प्रस्तावित नए एअरपोर्टों के बारे में जानकारी दी। जुरिक एअरपोर्ट की तरफ से फिलहाल जीवीके ग्रुप की भागीदारी में भारत के बंगलुरू एअरपोर्ट का प्रबंधन किया जाता है। इस कंपनी ने महाराष्ट्र में निवेश के लिए अनुकूलता दिखाई है। महाराष्ट्र में सोयाबीन के भारी उत्पादन को देखते हुए कारगिल कंपनी के सीईओ डेविड मैकलेनन ने निवेश की इच्छा जाहिर की और कहा कि वे जल्दी ही इस बारे में बातचीत के लिए मुंबई आएंगे। सैबमिलर कंपनी का प्रोजेक्ट फिलहाल औरंगाबाद के वाळुंज में है।

यह कंपनी फोस्टर्स, ग्रोल्स जैसे ब्रांड बनाती है। कंपनी की ओर से कहा गया कि वे विदर्भ व नागपुर में निवेश करना चाहते हैं। जापानी उद्योगों ने महाराष्ट्र में निवेश के लिए मुख्यमंत्री से लंबी चर्चा की। नागपुर समेत राज्य के तीनों एअरपोर्टों के प्रबंधन में इन कंपनियों ने उत्सुकता दिखाई है।