मुंबई. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एकनाथ खडसे ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण व पीडब्ल्यूडी मंत्री छगन भुजबल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक दिन में ३ हजार ७१७ फाइलों पर हस्ताक्षर कर इतिहास रच दिया है। मंगलवार को पूरक मांगों पर चर्चा के दौरान खडसे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को लेकर प्रशासनिक मान्यता लेना भी जरूरी नहीं समझा गया। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि क्या मंत्रालय में बैठे किसी एक अधिकारी को यह अधिकार है कि वह राज्य के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से पीडब्ल्यूडी के सभी इंजीनियरों को पत्र लिखा गया कि वे एक साथ सारे प्रस्ताव भेजें।
मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए खडसे ने कहा कि सीएम को सीधे दिल्ली से भेजा गया है। इस लिए वे सब कुछ डायरेक्ट कर रहे हैं। खडसे ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की तरह आदिवासी विभाग के ४५० प्रस्तावों को एक दिन में मंजूरी दी गई। चुनाव समीप देख सरकार इस तरह की तेजी दिखा रही है। नियमों को ताक पर रख कर प्रस्तावों को मंजूरी दी जा रही है। १० लाख रुपए के कामके लिए टेंडर नहीं निकालना पड़ता। इस लिए १०-१० लाख रुपए के अलग-अलग कार्यों को मंजूरी देने की नीति अपनाई जा रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि विकास का ढिंढोरा पिटने के लिए निधि के प्रावधान के बिना ही प्रस्तावों को मंजूरी दी जा रही है। एक किलोमीटर सड़क के डामरीकरण के लिए २७ लाख रुपए खर्च होते हैंं। जबकि सरकार द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों के लिए केवल पांच-पांच लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि इतने पैसों से तो केवल नारियल ही फूट सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल ऐसा कोई मंत्री नहीं हैै, जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप न लगा हो।