(आदिल जैनुलभाई(बाएं) को भारत के क्वालिटी काउंसिल का प्रमुख आदिल जैनुलभाई को नियुक्त किया है।)
मुंबई. मेड इन इंडिया को और बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने क्वालिटी काउंसिल का प्रमुख आदिल जैनुलभाई को नियुक्त किया है। देश के शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बुनियादी सुविधाएं, सुशासन और सामाजिक क्षेत्रों में किस तरह से देश गुणवत्ता बरकरार रख सकता है, यह काम आदिल के पास होगा। इससे पहले वे मेकैंज़ी इंडिया के प्रमुख थे। हार्वर्ड में उनके क्लासमेट एचपी के सीईओ मेग व्हिटमैन और एनरॉन के प्रमुख जैफरी स्किलिंग थे। वे 1979 से 2004 तक मेकैंज़ी से जुड़े रहे। वे वॉशिंगटन ऑफिस में बैठते थे।
ख्यात पत्रकार शेखर गुप्ता से उनकी मैत्री जगजाहिर है, वे आदिल को संकटमोचक मानते हैं। प्रधानमंत्री के वे ख़ास आदमी कहलाते हैं। साल भर पहले आदिल रिलायंस इंडस्ट्री के बोर्ड में कंसलटेंसी करने लगे और एक साल में मुकेश अंबानी ने कहा- जैनुलभाई बिना शक दुनिया के बेहतरीन कंसलटेंट हैं। वे सिर्फ फीस के लिए ही कंसलटेंसी करते हैं, ऐसा नहीं है। सैफुद्दीन बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट का अनुभव कुछ अलग है।
पांच साल पहले की बात है। इस ट्रस्ट के सीईओ अब्बास मास्टर बताते हैं कि दाऊदी बोहरा समाज मुंबई में भेंडी बाजार में विकास कार्य कर रहा था। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए सिटी प्लानर, आर्किटेक्ट्स और डेवलपर्स से बात की, उनको कुछ सलाह दी और कोई पैसा नहीं लिया।
चर्चा में क्यों : मोदी सरकार ने उन्हें अपनी क्वालिटी काउंसिल का प्रमुख नियुक्त किया है। इससे पहले वे मेकैंज़ी इंडिया के प्रमुख थे।
आदिल जैनुलभाई: देश की क्वालिटी काउंसिल के प्रमुख
उम्र : करीब 58 वर्ष
शिक्षा: आईआईटी बॉम्बे से 1977 में मैकेनिकल इंजी. के बाद हार्वर्ड से पीजी।
परिवार: मकदूदा(पत्नी), चार बेटे।
आगे की स्लाइड्स में देखें आदिल की चुनिंदा फोटोज...