मुंबई. दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर द्वारा महिला से दुष्कर्म किए जाने की घटना के बाद मुंबई पुलिस भी सतर्क हो गई है। महानगर के करीब 44,500 टैक्सीवालों की पुलिस इसी साल के अंत तक जांच पड़ताल करेगी। टैक्सी ड्राइवरों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए छेड़ी गई मुहिम में मुंबई पुलिस के कई विभाग शामिल होंगे।
महानगर में 38 हजार नीली पीली टैक्सियों के अलावा साढ़े तीन हजार रेडियो टैक्सी और तीन हजार एसी टैक्सियां हैं। इनकी जांच का जिम्मा मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच, क्राइम ब्रांच, सभी पुलिस स्टेशन और यातायात पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी के मुताबिक मुंबई पुलिस टैक्सी ड्राइवरों की मुंबई और उनके मूल निवास के आपराधिक रिकार्ड की जांच करेगी।
एक क्लिक पर मिल सके जानकारी
मुंबई पुलिस अपने इस अभियान के तहत जुटाई गई जानकारी के लिए ऐसी व्यवस्था करेगा जिससे कोई भी पुलिस स्टेशन किसी टैक्सी ड्राइवर से संबंधित जानकारी एक क्लिक पर हासिल कर सके। मुंबई पुलिस का कहना है कि उसने दिल्ली हादसे से सबक लेते हुए यह अभियान शुरू किया है। उम्मीद है कि नए साल के आगमन से पूर्व यह कार्य खत्म कर लिया जाएगा। टैक्सी यूनियन को भी पुलिस ने रिकार्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बड़ी चुनौती
महानगर में वैध टैक्सियों के अलावा कई अवैध टैक्सियां भी चलती हैं। ऐसे में कुल टैक्सियों की संख्या 60 हजार के आसपास हो सकती है। ज्यादातर टैक्सियां दो या कई बार तीन ड्राइवर शिफ्ट के मुताबिक चलाते हैं। ऐसे में पुलिस को कम से कम 1 लाख 20 हजार लोगों की जांच करनी होगी। महज 20 दिनों में यह काम खत्म कर पाना पुलिस के लिए चुनौती भरा होगा। हालांकि पुलिस अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि सभी विभाग मिलजुल कर काम करे तो इसे तय समय में पूरा किया जा सकेगा।