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डाउनलोड करेंमुंबई। मौजूदा राज्यसभा सांसद व उद्योगपति राजकुमार धूत को शिवसेना ने फिर से टिकट दी है। शिवसेना की इस नीति से पार्टी नेता ही नहीं भाजपा भी हैरान है। इसके अलावा शिवसेना ने अरबपति निर्दलीय उम्मीदवार संजय काकड़े को मदद करने का भी भरोसा दिया है।
महायुती में शामिल दलित नेता रामदास आठवले को उम्मीदवारी देने की जिम्मेदारी शिवसेना ने भाजपा पर डाल दी है। शिवसेना-भाजपा-रिपब्लिकन महायुती का कहना है कि अगर शिवसेना आठवले को टिकट देती तो पूरे गठबंधन को राजनीतिक फायदा मिलता। भाजपा नेताओं के अनुसार शिवसेना अगर पार्र्टी के ही किसी नेता को चुनाव में उतारती तो भी उचित होता। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी लंबे अरसे से टिकट मांग रहे थे। लेकिन उद्धव ने आठवले और जोशी के बजाय वीडियोकॉन के मालिक राजकुमार धूत को दोबारा उम्मीदवार बना दिया है।
पैसे की ताकत : इस बारे में शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि -यह फैसला राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं माना जा सकता। यह तो महज पैसे की ताकत को साबित करता है। जोशी निराश मनोहर जोशी ने खुद को शिवसेना के दूसरे उम्मीदवार के रूप में टिकट देने की विनती की थी। जोशी चाहते थे कि वे शिवसेना के साथ साथ भाजपा के वोट ले लेंगे। इसके अलावा मनसे के राज ठाकरे को मना लेंगे। लेकिन उद्धव ने जोशी की बजाय पुणे के अरबपति काकड़े को सहयोग का वादा किया है।
भाजपा से आठवले या जावड़ेकर? भाजपा से महाराष्ट्र से मौजूदा सांसद प्रकाश जावड़ेकर, रामदास आठवले और शायना एनसी के नाम भेजे गए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में देर रात तक इस बारे में फैसला हो सकता है। वैसे केंद्रीय नेता आठवले को लेकर अनुकूल हैं।
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