मुंबई. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने पार्टी के सभी मंत्रियों को नसीहत भरा पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि सभी सरकारी समितियों व आयोगों में पार्टी नेतृत्व की सहमति से ही नियुक्ति की जाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच जारी शीतयुद्ध के मद्देनजर यह पत्र लिखा गया है। सूत्रों के अनुसार पत्र में मंत्रियों से कहा गया है कि इस तरह की हर नियुक्ति पार्टी की सलाह से ही करें। क्योंकि पार्टी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत की वजह से ही सत्ता मिली है।
उनकी उम्मीदों व आकाक्षंाओं को भी पूरा करना है। सूत्रों के अनुसार पिछले महीने राजस्व व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एकनाथ खड़से ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर जलगांव के मोहम्मद हुसैन खान ऊर्फ आमीर साहेब की नियुक्ति की थी। इस पर पार्टी में काफी विवाद हुआ था।
आमीर साहेब जलगांव के मुक्ताई नगर के हैं, जो खड़से का निर्वाचन क्षेत्र भी है। इस नियुक्ति पर कुछ मंत्रियों नेे सवाल उठाए थे। इसको लेकर दानवे ने खड़से से मुलाकात की थी। जानकारों का कहना है कि इस मुलाकात में खड़से ने सफाई दी। कहा, अदालत के एक आदेश के लिहाज से फौरन नियुक्ति करना जरूरी था। इसलिए पार्टी की सलाह के बिना फैसला करना पड़ा। राकांपा के मुनाफ हकीम को हटाकर यह नियुक्ति की गई थी।
"ऐसी नियुक्तियों से फैलेगा असंतोष’
एक मंत्री के अनुसार हर सरकारी विभाग के तहत दो-तीन महामंडल या सरकारी समितियां होती हैं। कुछ आयोगों के अध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा भी हासिल है। अगर इसी तरह नियुक्तियां की जाती रहीं तो पार्टी में असंतोष फैलेगा। दानवे के करीबियों के मुताबिक यह पत्र इसीलिए लिखा गया कि भविष्य में पार्टी का कोई मंत्री इस तरह सीधे नियुक्ति न कर सके। हालांकि कुछ नेताओं का मानना है कि इस पत्र का उद्देश्य खड़से को झटका देना है।