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डाउनलोड करेंमुंबई। केंद्रीय कृषिमंत्री व राकांपा अध्यक्ष शरद पवार का मानना है कि राज्य सरकार के कामकाज में तेजी उनके द्वारा की गई टिप्पणी के कारण आई है। इसी वजह से अब सप्ताह में दो-दो दिन कैबिनेट की बैठकें हो रही हैं। पवार शुक्रवार को विधानभवन में राज्यसभा चुनाव का नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पवार का ध्यान मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान की तरफ दिलाए जाने पर जिसमें चव्हाण ने कहा है कि मैं व्यक्तिगत लाभ दिलाने वाले कार्य नहीं करुंगा, उन्होंने कहा कि अच्छी बात है। लेकिन राकांपा कभी भी व्यक्तिगत लाभ वाला प्रस्ताव नहीं लाती। उन्होंने कहा कि जब मैंने टिप्पणी की उसके बाद महाराष्ट्र में कैबिनेट की दो-दो बैठकें एक सप्ताह में हो रही हैं।
नहीं है सत्त्ता विरोधी लहर: देश भर में भले ही केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा नजर आ रहा हो लेकिन पवार इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे तो कहीं सत्ता विरोधी लहर नहीं दिखाई देती। हाल ही में महाराष्ट्र में हुए जिला परिषद व महानगरपालिका चुनावों में विपक्ष का कहीं पता नहीं । यहां तक कि गुजरात की सीमा पर स्थित इलाकों में भी सत्ताधारी दल कांग्रेस-राकांपा को ही जीत मिली है। पवार ने कहा कि जहां तक चार राज्यों में मिली भाजपा की जीत का सवाल है तो ये राज्य पहले से भाजपा के प्रभाव वाले रहे हैं।
महायुति सिर्फ नाम की
पवार ने कहा कि महायुति का नाम तो कई बार सुना है लेकिन महापरिणाम अभी तक सुनने को नहीं मिला। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि जो खुद कभी चुनाव नहीं लड़ सका वह मेरी जमानत जब्त कराने की बात कर रहा है। यह दावा वे लोग कर रहे हैं जिनकी हालत ऐसी है कि तुम कबड्डी खेलों मैं कपड़े संभालता हंू। एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि गुजरात के कुछ इलाकों के विकास का यह अर्थ नहीं कि पूरे देश का विकास हो गया।
अब तक चार नामांकन
केंद्रीय कृषिमंत्री शरद पवार, राकांपा नेता माजिद मेमन और शिवसेना की ओर से वीडियोकॉन के मालिक राजकुमार धूत ने राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया। सात फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए अब तक चार उम्मीदवार नामांकन कर चुके हैं।
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