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डाउनलोड करेंमुंबई। मुंबई हाईकोर्ट ने अभिनेता शाइनी आहूजा की सत्र न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दाखिल अपील याचिका पर अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह से शीघ्रता से सुनवाई करना निश्चित किया है। शाइनी ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि अपील याचिका पर सुनवाई में हो रही देरी की वजह से मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है और परिवार के सदस्यों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अभिनेता शाइनी आहूजा के वकील अशोक मुंदरगी ने न्यायमूर्ति साधना जाधव के समक्ष अपील याचिका पर शीघ्रता से सुनवाई करके उस पर निर्णय देने का निवेदन किया। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल नये सिरे से जीवन शुरू करने का इच्छुक है, परंतु दोषी करार दिये जाने के पुरवाग्रह की ऐसा नहीं कर पा रहा है। मुंदरगी ने हाईकोर्ट में दलील दी कि घटना के बाद की परिस्थिति के चलते शाइनी आहूजा दुष्कर्म मामले की सुनवाई फास्ट टैक कोर्ट में हुई थी।
लिहाजा अब सत्र न्यायाल के निर्णय के खिलाफ जो अपील दाखिल की गई है। उसकी सुनवाई भी शीघ्रता से होनी चाहिए। न्यायमूर्ति ने अभिनेता शाइनी आहूजा के वकील की दलील को स्वीकारते हुए अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह से उनकी अपील याचिका पर शीघ्रता से सुनवाई करने की बात कही है। गौरतलब है कि अभिनेता शाइनी आहूजा के खिलाफ २००९ में उनकी नौकरानी ने बलात्कार का मामला ओशिवरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था। मार्च २०११ में फास्ट टैक सत्र न्यायालय ने शाइनी को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ शाइनी ने मुंबई हाईकोर्ट में अपील याचिका दाखिल की हुई है।
पुलिस की जांच एकतरफा : शाइनी आहूजा अभिनेता शाइनी आहूजा ने मुंबई हाईकोर्ट में जो अपील याचिका
दाखिल की है। उसमें उन्होंने पुलिस की जांच को एकतरफा व पक्षपाती बताया है। शाइनी का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में कॉल डेटा रिकार्ड और सीसीटीवी फुटेज जैसे महत्वपूर्ण सबूत की जांच नहीं की। यदि इन दोनों सबूतों की जांच अधिकारी ने अनदेखी नहीं की होती, तो वे निर्दोष साबित हो सकते थे। शाइनी के वकील मुंदरगी ने भी हाईकोर्ट में इन ही दो सबूतों की जांच किये जाने और निचली अदालत द्वारा इनकी जांच का आदेश नहीं दिये जाने का दावा किया है।
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