मुंबई/नई दिल्ली. दिल्ली में मतदान के बाद हुए सर्वेक्षण में भाजपा की हालत नाजुक और आम आदमी पार्टी (आप) की जीत की संभावना बताए जाने को शेयर बाजारों ने नकारात्मक ढंग से लिया। एक समय बिकवाली का दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि सेंसेक्स 500 से भी ज्यादा अंक नीचे आ चुका था, लेकिन अंत में यह 490.52 अंक यानी 1.71 फीसदी गिरकर 28,227.39 पर बंद हुआ। निफ्टी में 134.70 अंक या 1.56 फीसदी की गिरावट रही और यह 8,526.35 पर बंद हुआ। बाजारों में गिरावट का मुख्य कारण एग्जिट पोल माना जा रहा है। इनमें
दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा की हार का अंदेशा जताया गया है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद
केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की जीत के आसार हैं। यदि एक्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए तो केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की लोकसभा चुनावों के बाद किसी चुनाव में यह पहली बड़ी हार होगी।
यह भी रहे कारण :
-एलएंडटी के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे आए।
-विदेशी फंडों की ओर से बिकवाली का जोर बने रहना।
-कोल इंडिया शेयर बिक्री से बाजार में नकदी कम होना।
-बजट से पहले निवेशकों का सतर्कता बरतना।
-ब्याज दरों में कटौती न होने से उपजी निराशा।
-अन्य एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा।
-दोपहर में यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ खुले।
सेंसेक्स में 15 महीनों की लंबी गिरावट :
लगातार सात दिन में जारी गिरावट में सेंसेक्स अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से 1,458.38 अंक (4.90 फीसदी) नीचे आ चुका है। यह बीते 15 महीनों में इसकी सबसे ज्यादा दिन चली गिरावट है।
इन शेयरों में बिकवाली :
कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑटो, बैंकिंग कंज्यूमर ड्यूरेबल, एफएमसीजी और रिफाइनरी शेयर।
सोना-चांदी और रुपया भी लुढ़के
शेयर बाजारों की गिरावट का असर, सोने-चांदी और रुपए में भी दिखा। नई दिल्ली में सोने में 410 रुपए (1.46%) की गिरावट रही। स्टैंडर्ड सोने की कीमत 27,590 रुपए प्रति दस ग्राम रही। चांदी 820 रुपए (2.14%) सस्ती होकर 37,530 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिकी। रुपया भी गिरावट से अछूता नहीं रहा। एक डॉलर के सामने 48 पैसे (0.78%) के नुकसान के साथ 62.17 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया। यह रुपए का करीब चार हफ्ते का न्यूनतम स्तर है।