मुंबई. सीटों पर तालमेल की बातचीत में शिवसेना के रवैये से नाराज भाजपा नेताओं का दावा है कि राष्ट्रवादी के एक दिग्गज नेता शिवसेना के कुछ नेताओं के संपर्क में हैं। इसी वजह से शिवसेना सामंजस्य की भूमिका अपनाने के बजाय टकराव के रास्ते पर चल रही है। इस बीच राष्ट्रवादी के सूत्रों ने माना है कि शिवसेना के बारे में इस चुनाव में सहयोग की रणनीति पर उच्च स्तर पर विचार चल रहा है।
शुक्रवार को भाजपा के नेताओं ने शिवसेना से गठबंधन के 25 साल के इतिहास पर तीखी टिप्पणी की थी। यह भी बताया था कि भाजपा को नुकसान पहुंचाने वाले कई फैसले शिवसेना की तरफ से किए गए थे। एक बार शिवसेना ने प्रधानमंत्री पद के लिए राष्ट्रवादी के प्रमुख
शरद पवार को समर्थन देने की बात भी कही थी।
भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा- हमें उम्मीद थी कि इस बार लोकसभा चुनाव में मोदी लहर का फायदा मिलने के बाद शिवसेना के नेता तर्कसंगत रवैया अपनाएंगे।
लेकिन उनका रुख देखकर हम सब हैरान हैं। सूत्रों का दावा है कि शिवसेना के इस व्यवहार का कारण मुख्य रूप से राष्ट्रवादी से उनके संबंध हैं।
शिवसेना नेताआें से हुई राकांपा के दिग्गज की बातचीत!: भाजपा के निशाने पर शिवसेना के एक राज्यसभा सांसद हैं जिन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार का करीबी माना जाता है। दिल्ली में इस सांसद को पवार का खासमखास माना जाता है। यही नहीं भाजपा नेतृत्व को मिली जानकारी के अनुसार शिवसेना के दो प्रमुख नेताओं से राष्ट्रवादी के एक दिग्गज की दो-तीन बार बातचीत हो चुकी है।
सेना प्रत्यािशयों के खिलाफ राकांपा उतार सकती है कमजोर उम्मीदवार: इस बीच राष्ट्रवादी के नेताओं की ओर से संकेत मिले हैं कि इस चुनाव में शिवसेना के खिलाफ कई सीटों पर कमजोर उम्मीदवार राष्ट्रवादी की ओर से उतारे जाएंगे। दोनों के बीच अघोषित सहयोग का ब्योरा नहीं मिल सका है पर माना जा रहा है कि सीधे तालमेल की बजाय राष्ट्रवादी और शिवसेना द्वारा इस चुनाव में एक दूसरे को सहयोग किया जाएगा।