मुंबई । शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के खिलाफ अपमानजनक खबरें छापने के मामले में सामना ने माफी मांग ली है। शुक्रवार को अखबार में छपे नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट में दायर मामले में हुए समझौते के तहत खेद व्यक्त किया जा रहा है।
करीब दस साल पहले राणे ने शिवसेना से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थामा था। उनकी बगावत के बाद 10 जुलाई 2005 से 26 सितंबर 2006 के दौरान सामना में राणे के खिलाफ लगातार खबरें व संपादकीय छपे। राणे ने सामना की खबरों व संपादकीय के खिलाफ अवमानना का दावा दर्ज किया था। इस मामले में संपादक संजय राऊत व प्रकाशक सुभाष देसाई को प्रतिवादी बनाया गया था। दावे में सामना को अपमानजनक सामग्री भविष्य में न छापने का निर्देश देनेे की मांग भी की गई थी। मामले में सुनवाई के बाद दोनों पक्षों में समझौता किया गया और अदालत की सहमति से सामना अखबार में 6 फरवरी को माफीनामा प्रकाशित किया गया।
माफीनामे में ये कहा गया है
मुंबई हाईकोर्ट में दायर दावा क्रमांक 3382/ 2006 नारायण राणे विरुद्ध संजय राऊत व सुभाष देसाई के तहत समझौते के अनुसार यह जाहिर किया जाता है कि जुलाई 2005 से सितंबर 2006 तक नारायण राणे के संबंध में खबरें व अन्य सामग्री का प्रकाशन किया गया था। लेकिन इसका उद्देश्य उनका निजी या राजनीतिक चरित्र हनन करने का नहीं था। पर इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो खेद व्यक्त किया जाता है।