मुंबई. भाजपा-शिवसेना में सीटों के बटवारे के फार्मूले में सीटें कम हो जाने से नाराज तीन छोटे दलों ने महायुति छोड़ने की धमकी दे दी। वहीं एक और सहयोगी आरपीआई (आठवले) ने भाजपा- शिवसेना को गुरुवार दोपहर तक का अल्टीमेटम दिया है। कहा है कि अगर छोटे दलों को 18 सीटें नहीं दी गईं तो हम गठबंधन से अलग होने पर विचार करेंगे।
छोटे दल नए फार्मूले पर भड़क गए हैं। इसमें शिवसेना को 151, भाजपा को 130 और चार छोटे दलों को सात सीटें मिली हैं। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के राजू शेट्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष के महादेव जानकर और शिव संग्राम पार्टी के विनायक मेटे ने भाजपा और शिवसेना पर विश्वासघात का आरोप लगाया।
इन नेताओं ने कहा-यदि सम्मानजनक सीट नहीं मिली तो महायुति से अलग हो जाएंगे। वहीं आरपीआई (अठावले) के नेता अर्जुन डांगले ने कहा-गुरुवार दोपहर तक छोटे चार दलों को 18 सीट नहीं दी गई तो पार्टी अगली रणनीति पर विचार करेगी। आरपीआई ने एनसीपी के संग तालमेल के भी संकेत दिए हैं।
मान-मनौव्वल के प्रयास
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रूठे हुए नेताओं को मनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वे उनको ज्यादा सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। इसके बाद तीन दलों ने महायुति में बने रहने का संकेत दिया। हालांकि शिवसेना नेता रामदास कदम ने कहा कि हम 150 से कम सीटें किसी हालत में नहीं लेंगे। वहीं भाजपा नेता भी मनाने के प्रयास में लग गए हैं। प्रदेश भाजपा प्रमुख देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हम अपने लोकसभा चुनाव के पूर्व के सहयोगियों को साथ रखना चाहते हैं।