नागपुर. नागपुर और भंडारा जिलों के रेती घाटों की निलामी नहीं होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा हैै। घाटों की नीलामी पर प्रतिबंध के कारण रेती के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं और निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैैं। इस व्यवसाय से संलग्न लोकल ट्रक मालिकों पर भी इसके कारण संकट से जूझना पड़ रहा हैै। राजस्व प्रशासन आरटीओ की मिलीभगत से रेती चोरी का काम जोरों से चल रहा हैै।
नागपुर लोकल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू व्यास ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत के कारण ही जानबूझकर रेती घाटों की नीलामी नहीं की जा रही। अधिकारियों की सांठगांठ के चलते सरकार को बड़े भारी राजस्व की हानि हो रही हैै। सरकार को अब तक करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लग चुका हैै।
श्री व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि 2013-2014 वर्ष में इन दोनों जिलो में रेती की नीलामी नहीं किए जाने से लगभग 75 करोड़ के राजस्व सरकार के खलाने में नही जा सका। बतया जाता है कि 2 साल के लिए घाटों को नीलामी करने संबंधी आदेश उच्चतम न्यायालय के हैं। साथ ही 5 हेक्टयर से कम रेती घाटों की नीलामी करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेना आवश्यक नहीं हैै। जिलाधिकारी अपने स्तर पर रेती घाटों की नीलामी कर सकते हैैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अनापत्ति प्रमाणपत्रों का बहाना लेकर जिला प्रशासन और आरटीओ अपनी जेबे भर रहे हैं। नीलामी नहीं होने से अवैध उत्खनन और चोरी को बढ़ावा मिल रहा है।
श्री व्यास ने बताया कि रेती के दामों में बढ़ोत्तरी की सीधा असर सरकारी प्रकल्पों पर भी पड़ता हैै और प्रकल्प की लागत बढ़ जाती हैै। निर्माण कार्यो में जनता को मंहगी रेती मिल रही हैै। इसका दोतरफा नुकसान हो रहा हैै। ओवरलोडिंग और अंडरलोडिंग के चक्कर में भी सब पिस रहे हैं और आरटीओ तथा पुलिस प्रशासन के वारे-न्यारे हो रहे हैैं। रेती घाट नीलाम न होने से लोकल ट्रक मालिकों पर भी संकट आ गया हैै। वे अपने ट्रकों की किश्तों को भी नहीं भर पा रहे। साथ ही व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों पर भुखमरी की नौबत हैै।
श्री व्यास ने राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे को ज्ञापन पे्रषित कर तत्काल रेती घाटों की नीलामी करने का आग्रह किया हैै। जिससे अवैध उत्खनन में लिप्त लोगों पर नकेल कसी जा सके। जनता और लोकल ट्रक मालिकों को राहत मिले।
इस शिष्टïमंडल में विनोद सहानी, संजय तिवारी, राजू अरोरा, राम मोटवानी, राधाकिशन दयानी, मनोहर सहजरमानी, अशोक पाटील, दीवाकर हलमारे, अनिल अग्रवाल, राजू बारई, प्रविण दुलेवाले, संजय दुधे, अशोक डोर्लिकर, पप्पु केवलरामानी, महेन्द्र लवाले आदि उपस्थित थे।