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उद्धव ठाकरे का पलटवार: शरद पवार क्या जाने ‘शिवबंधन’ का महत्व

8 वर्ष पहले
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मुंबई। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने जीवनभर लोगों को उलझाने का ही काम किया है। इसलिए वे क्या जाने शिवसेना के रक्षा सूत्र और शिवबंधन का महत्व? इन शब्दों में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पवार पर पलटवार किया है।
उद्धव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पवार आज ‘शिवबंधन’ बांधने पर ऐतराज जता रहे हैं। कल वे रक्षाबंधन मनाने का भी विरोध करेंगे। बहुत अच्छा हुआ कि इसी बहाने पवार के मन का जहर बाहर आ गया और लोगों को उसकी जानकारी हो गई। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने जादू-टोना कानून हिंदुओं के रीति-रिवाज पर अंकुश लाने के लिए लाया है। यह आरोप शिवसेना शुरू से लगा रही है। पवार के बयान से शिवसेना का यह आरोप सही साबित होता नजर आ रहा है। परंतु, सरकार ने यदि जादू-टोना कानून की आड़ में हिंदुओं की परंपरा व आस्था को आहत करने का काम किया, तो शिवसेना ऐसे कानून को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
गौरतलब है कि शिवसेना ने 23 जनवरी को मुंबई के सोमैया मैदान में शिवसेना प्रमुख स्व. बाल ठाकरे की जयंती के मौके पर प्रतिज्ञा रैली की थी। इस रैली में उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी भगवा रंग का शिवबंधन बांधा था। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने शुक्रवार को राज्यसभा का नामांकन भरने के बाद इस पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में हाल ही में अंधश्रद्धा विरोधी कानून लागू हुआ है। लिहाजा शिवसैनिकों की कलाई पर अब रक्षा सूत्र (शिवबंधन) बांधने के प्रकरण में सरकार क्या कार्रवाई करती है? इस पर मेरी नजर है।
पवार का यह बयान उद्धव ठाकरे को नागवार गुजरा है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, ‘किसी के कलाई पर धागा बांध देने भर के कोई किसी के बंधन में नहीं बंध जाता है। इसके लिए लोगों के करीब जाना पड़ता है। उनकी समस्या और परेशानी जानकर उसे सुलझाने का प्रयास किया जाता है।’