मुंबई. विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री व्यंकटेश आबदेव ने हिंदू धर्म से जुड़े धार्मिक संस्थानों पर राज्य सरकार के वर्चस्व को हटाने की वकालत की है। आबदेव ने कहा कि मुंबई के सिद्घीविनायक मंदिर, शिर्डी के साईंबाबा मंदिर, पंढरपुर के विट्ठल मंदिर और उस्मानाबाद के तुलजाभवानी के मंदिर के ट्रस्टों पर राज्य सरकार का नियंत्रण है।
राज्य सरकार को इन संस्थानों को अपने नियंत्रण क्षेत्र से मुक्त कर देना चाहिए। मंगलवार को मुंबई मराठी पत्रकार संघ में पत्रकारों से बातचीत में आबदेव ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के 50 वर्ष पूरे होने पर 14 दिसंबर को मुंबई में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
सम्मेलन में जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज, सांसद योगी आदित्यनाथ, विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल और विहिप के अंतरराष्ट्रीय प्रवीण तोगडिय़ा शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद विहिप की स्वर्ण जंयती पर देश भर के सभी जिलों में सम्मेलन का आयोजन करने की योजना भी बनाई गई है। साथ ही विराट हिंदू सम्मेलन मुंबई के अलावा दिल्ली,
कोलकाता और बंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।
गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने का किया समर्थन
इस दौरान आबदेव ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिना किसी विवाद के गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी विश्व भर में अपनी यात्राओं के दौरान वहां के राष्ट्राध्यक्षों को गीता भेंट करते हैं। गीता केवल हिंदू ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए महान ग्रंथ है। उन्होंने कहा विहिप पहले से ही गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग करती रही है।
(प्रतीकात्मक फोटो)