मुंबई. विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस का गठबंधन मुश्किल में है। कांग्रेस 158-160 सीटों पर खुद चुनाव लड़ना चाहती है। सहयोगी एनसीपी को 128 सीटें देने के मूड में है। वहीं, एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 144 से कम सीटें लेने से मना कर दिया है।
पवार ने तो यह भी कह दिया है कि अगर एनसीपी-कांग्रेस की सरकार फिर बनी तो वे मौजूदा मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व में काम नहीं करेंगे। ऐसे में
शरद पवार और सोनिया गांधी की मुलाकात तय नहीं होने से संकट बढ़ता जा रहा है। पृथ्वीराज चव्हाण ने सभी विकल्प खुले होने की बात कही है।
जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और पार्टी प्रचार अभियान के प्रमुख नारायण राणे गठबंधन जरूरी बता रहे हैं। गठबंधन को लेकर एनसीपी में भी मतभेद हैं। शरद पवार ने कहा, ‘अलग-अलग चुनाव लड़ना कांग्रेस-एनसीपी के हित में नहीं होगा।’ लेकिन पवार के भतीजे अजित पवार ने कहा, ‘कांग्रेस-एनसीपी को अलग-अलग चुनाव लड़ना चाहिए।’