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वक्फ की 70 हजार एकड़ जमीन पर अतिक्रमण, कंप्यूटराइज्ड होगा जमीन का रिकार्ड

7 वर्ष पहले
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नागपुर. राज्य में वक्फ बोर्ड की एक लाख एकड़ जमीन है। इनमें से 70 हजार एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है। जमीन के दुरुपयोग व गड़बड़ी की जांच राज्य सरकार करेगी। जमीन का रिकार्ड कंप्यूटराज्ड होगा। अतिक्रमण मुक्ति के लिए सरकार ने अभियान शुरू किया है।
2 वर्षों से कार्रवाई नहीं
विधानसभा में वक्फ जमीन का मामला उठने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वक्फ की जमीन सरकार को वापस मिलने के लिए विशेष प्रयास किया जाएगा। वक्फ मामले में राज्य सरकार ने समिति बनाई थी, लेकिन 2 वर्ष से कार्रवाई नहीं हो पाई है। अतिक्रमण के मामले में कई कारण सामने आए हैं। वक्फ की जमीन के उपयोग के लिए वक्फ से संबंधित समिति के दो तिहाई सदस्यों की अनुमति आवश्यक है। वक्फ बोर्ड में सदस्यों की संख्या कम है। जितने सदस्य हैं, उतने में से ही दो तिहाई की मंजूरी से जमीनों का गैर इस्तेमाल हुआ।

वक्फ की जमीन पर होटल

इस मामले में वक्फ मंत्री एकनाथ खडसे ने कहा कि वक्फ की जमीन का गैर इस्तेमाल हुआ है। राज्य में शहरी क्षेत्र के मध्य में वक्फ की जमीनें हैं। इनके भाव काफी हैं, लेकिन शैक्षणिक व अन्य संस्थाओं के नाम पर इन जमीनों पर अतिक्रमण हुआ। औरंगाबाद में एक शैक्षणिक संस्था को दी गई वक्फ की जमीन पर पांच सितारा होटल बनाया गया है। संस्था का कहना है कि उनके यहां कैटरिंग पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए होटल बनाया गया।
10 हजार करोड़ की संपत्ति
वक्फ की संपत्ति 10 हजार करोड़ की है। वक्फ का मामला पूरी तरह से मुस्लिम समाज से संबंधित है। वक्फ की जमीनों पर भी मुस्लिम समाज का ही अधिकार है। अतिक्रमण मुक्त होने व वक्फ की आय बढऩे से मुस्लिम समाज को विकास के लिए बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। सपा के अबू आजमी व आसिफ शेख ने वक्फ की जमीन के दुरुपयोग का मामला उठाया था।

अनुदान नहीं, केवल वक्फ बोर्ड की जमीन दे दो : एमआईएम
एमआईएम ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर जमीन वक्फ बोर्ड को वापस करने की गुहार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लगाई। वक्फ बोर्ड की 70 हजार एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान एमआईएम के विधायक इम्तियाज जलील तथा वारिस पठाण ने कहा कि वक्फ बोर्ड की 1 लाख एकड़ जमीन में से 70 हजार एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।
वक्फ बोर्ड की यह जमीन मस्जिद, दरगाह, यतीम और गरीबों के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपति मुकेेश अंबानी तथा कई नेताओं ने बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण किया है। यह जमीन लीज पर भी दी गई है। उन्होंने लीज तुरंत खत्म करने की मांग करते हुए कि हमें सरकार से कोई सब्सिडी या अनुदान नहीं चाहिए, बस वक्फ बोर्ड की जमीन वापस दे दे। वक्फ बोर्ड की जमीन अतिक्रमण मुक्त होने पर सरकारी मदद लिए बिना इसका विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को निवेदन दिया है। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कर अतिक्रमण हटाने और दो साल से पड़ी रिपोर्ट पर भी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।