मुंबई. सांताक्रूज पुलिस ने कांस्टेबल दिलीप बोरोले की हत्या के मामले में देह व्यापार में लिप्त आरती यादव महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पैसों के विवाद में आरती ने बोरोले की जान ली है। शुक्रवार को इंदिरा नगर की झुग्गी बस्ती में स्थित घर से बोरोले की अधजली लाश मिली थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरती ने बोरोले को शीतपेय में नशे की गोली मिलाकर पिलाई। उसके बेहोश हो जाने के बाद रस्सी से उसका गला घोंट दिया। यही नहीं साक्ष्य मिटाने के लिए बोरोले की लाश चटाई में लपेटकर आग लगा दी और घर बंद कर फरार हो गई।
पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलते देखा तब पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो बोरोले की लाश आधी जल चुकी थी। पुलिस ने पाया कि बोरोले की गले में रस्सी लपेटी हुई थी। बोरोले फिलहाल बांद्रा पुलिस स्टेशन में तैनात था। आरती से उसकी पहचान सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान हुई थी। पुलिस ने आरती यादव के गोरेगांव स्थित घर से बोरोले का आईकार्ड और
मोबाइल बरामद किया है।
किराएदार की तलाश में जुटी पुलिस
जिस घर में बोरोले को जलाया गया उसका मालिक जावेद खान है। उसने घर किसी को किराए पर दे रखा है। पुलिस उस शख्स की भी तलाश में जुटी हुई है। बोरोले कल्याण इलाके में अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहता था।
अश्लील सामग्री पोस्ट करने पर युवक गिरफ्तार
लड़की के नाम पर
फेसबुक पेज बनाकर उसके जरिए अश्लील सामग्री पोस्ट करने पर एक नाबालिग युवक को नागोठणे पुलिस ने हिरासत में लिया है। लड़की के दोस्तों ने उसे बताया कि उसके नाम पर बने फेसबुक अकाउंट से गंदी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। उसने परिवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक लड़की का नाम और फोटो इस्तेमाल कर 17 वर्षीय युवक ने फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया था।
इसके बाद उसने लड़की के जान पहचान वालों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी। ज्यादातर लोगों ने इसे लड़की का असली फेसबुक अकाउंट समझकर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली इनमें कई लड़कियां भी थीं। कुछ दिनों बाद आरोपी ने अकाउंट के जरिए अश्लील तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दी। लड़की के दोस्तों ने उससे इस बाबत पूछा तो वह हैरान हो गई क्योंकि उसका कोई फेसबुक अकाउंट नहीं था। इसके बाद नागोठणे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।
साइबर क्राइम की ली मदद
पुलिस ने मामला सुलझाने के लिए रायगढ़ जिला साइबर क्राइम सेल की मदद ली। पुलिस ने फेसबुक से संपर्क किया। वहां से पता लगाया गया कि किस सिम कार्ड और मोबाइल की मदद से यह फर्जी फेसबुक अकाउंट तैयार किया गया है। पुलिस को यह भी पता चला कि सिम स्वराज गिजे नाम से खरीदा गया था। इसके बाद पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल मामले की तहकीकात जारी है और फर्जी अकाउंट बंद करा दिया गया है।