(सिंधदुर्ग किला - फाइल फोटो)
मुंबई. 27 सितम्बर को वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जाने वाला है। इस मौके पर हम अपनी विशेष सीरीज 'महाराष्ट्र के टूरिज्म स्पॉट' आपके लिए लाए हैं, जिसमें हम आपको महाराष्ट्र के किलों के बारे में बताएंगे। आज हम आपको इस सीरिज के तहत 'सिंधदुर्ग किले' के बारे में बता रहे हैं, जो चारों ओर से समुद्र से घिरा हुआ है।
अरब सागर के द्वीप में स्थित है किला
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में सिंधदुर्ग जिला स्थित है। इस जिले से सटे अरब सागर में यह किला एक द्वीप पर बना हुआ है। समुद्र की लहरों से घिरा यह किला लगभग 48 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। किसी ज़माने में यह किला मराठा सेना का नेवी बेस भी कहलाता था।
छत्रपति शिवाजी महाराज ने करवाया था निर्माण
सिंधदुर्ग किले का निर्माण छत्रपति शिवाजी महाराज ने सन 1664-67 के लगभग कराया था। ऐसा कहा जाता है कि किले के निर्माण के पहले यहां बड़ी-बड़ी चट्टानें हुआ करती थी, जिन्हें तुड़वाकर किला बनवाया गया था। इस किले की ख़ास बात यह भी है कि किले की नीव पिघले हुए सीसा धातु और पत्थरों से बनाई गई है।
वक्र दीवारों से घिरा है किला
यह किला मराठा वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। किले की दीवारें दो से चार मीटर चौड़ी और दस मीटर ऊंची हैं। वहीं दीवारों को वक्र रूप दिया गया है। ऐसा कहा जाता है कि वक्र दीवारें होने के कारण दुश्मन इस किले की दीवारें नहीं भेद पाए।
आगे की स्लाइड में क्लिक कर देखें सिंधदुर्ग किले की तस्वीरें