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सूखे से निपटने 7000 करोड़ का राहत पैकेज, 1 साल में 5 हजार गांव होंगे सूखामुक्त

7 वर्ष पहले
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(महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस - फाइल फोटो)
नागपुर. विदर्भ व मराठवाड़ा के किसानों के लिए राज्य सरकार ने गुरुवार को 7000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की। किसानों के तीन माह के बिजली बिल भी माफ कर दिए गए हैं। साथ ही साहूकारों से लिए गए कर्ज भी सरकार चुकाएगी। 5 हजार गांवों को एक साल में सूखामुक्त किया जाएगा। दीर्घकालीन उपाययोजनाओं के तहत 5 साल में प्रदेश में कृषि विकास के लिए 34,500 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानमंडल के दोनों सदन में गुरुवार को यह घोषणा की। उन्होंने राज्य को 2021 तक सूखामुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री कहा कि उत्पादन बढ़ने से कृषि संकट दूर होगा। किसान आत्महत्या रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कहां, कितना नियोजन
- किसानों को नगद राहत- 3925 करोड़ रुपए, 76 लाभार्थी किसान।
-फलोत्पादन पुनर्जीवन- 35 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर, कुल मदद 882 करोड़, 2.50 लाख लाभार्थी किसान।
- बागवानी संरक्षण- 45 करोड़ रुपए अतिरिक्त मदद, 1 लाख लाभार्थी किसान।
-वैरण विकास कार्यक्रम- बढ़त सहायता 50 करोड़ रुपए। 3.50 लाख लाभार्थी किसान।
-बिजली बिल माफी- 215 करोड़, 10 लाख लाभार्थी किसान।
- फसल बीमा पुनर्गठन के लिए ब्याज माफी- 480 करोड़ रुपए, 4 लाख लाभार्थी किसान।
-फसल बीमा के लिए बैंकों को सहायता- 435 करोड़ रुपए, 10 लाख लाभार्थी किसान।
-साहूकारी कर्ज माफी- 372 करोड़ रुपए, 5 लाख लाभार्थी किसान।
- तत्कालिक जलापूर्ति- बढ़त राशि 425 करोड़ रुपए।
- अपूर्ण कुंओं के लिए बढ़त राशि 163 करोड़ रुपए।

स्थायी उपाय योजना
50 लाख हेक्टेयर जमीन पर जलसंरक्षण- निर्धारित खर्च 5 हजार करोड़ रुपए।
50 हजार सीमेंट नाला निर्माण- 5 हजार करोड़ रु.।
2.50 लाख कृषि तालाब निर्माण- 1500 करोड़ रु.।
5 लाख सोलर पंप- 15 हजार करोड़ रु.।
सूक्ष्म सिंचाई कार्यक्रम- 5 हजार करोड़ रु.।
सामुदायिक तालाब- 500 करोड़ रु.।
महात्मा फुले अभियान- 250 करोड़ रु.।
असिंचित कृषि सुधार अभियान- 2 हजार करोड़ रु.।
ब्राड बेस फेरो- 250 करोड़ रु.।
कुल निर्धारित खर्च- 34500 करोड़ रुपए।
24 घंटे मिलेगी बिजली, 5 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित बनाने का लक्ष्य
जलयुक्त सीमा योजना : गांवों में जल नियोजन के लिए यह योजना होगी। 14 विभागों का संलग्नीकरण किया जाएगा। जलस्रोत बढ़ाया जाएगा। गांव की वॉटर आडिटिंग की जाएगी। जल स्तर की जानकारी रखी जाएगी।
सास्वत सिंचाई योजना : इसके तहत प्रतिवर्ष 5 हजार गांव को सूखामुक्त किया जाएगा। 6437 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। राज्य में 5 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित बनाने का लक्ष्य।
ट्रांसफार्मर की क्षति की शर्त रद्द : सूखाग्रस्त क्षेत्र के किसानों के 3 माह के बिजली बिल माफ किए गए हैं। किसानों को दिए गए ट्रांसफार्मर बदलकर 100 हार्सपॉवर के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। अवैध कनेक्शन आन स्पॉट नियमित किए जाएंगे। ट्रांसफार्मर के संबंध में 70 प्रतिशत की नुकसान की शर्त रद्द कर दी गई है।
हर गांव में ब्राड बेस फेरो : हर गांव में ब्राड बेस फेरो लगाए जाएंगे। पहले चरण में 10 हजार ब्राड बेस फेरो लगाने की योजना है। जलसंरक्षण के लिए इसका इस्तेमाल होता है।
साहूकारों के कर्ज माफ : जिन किसानों ने साहूकारों से कर्ज लिए हैं वे कर्ज सरकार चुकाएगी। राज्य में ऐसे 5 लाख कर्जधारक हैं। इस संबंध में शिकायत मिलने पर तत्काल ठोस कार्रवाई की जाएगी।
नदी जोड़ो योजना : तीन नदियों को जोड़ने का प्रारूप तैयार है।
कृषि संजीवनी योजना : कृषि संजीवनी योजना की अवधि बढ़ा दी गई है। 15 मार्च 2015 तक योजना लागू रहेगी।
सोलर पंप : 5 लाख सोलर पंप प्रदान किए जाएंगे। 24 घंटे बिजली मिलेगी।
कृषि तालाब : 20 हजार नए कृषि तालाब के अलावा 20 हजार सामुदायिक तालाब बनाए जाएंगे। 5 वर्ष में 50 हजार सामुदायिक तालाब निर्माण का लक्ष्य।
सूक्ष्म सिंचन : सूक्ष्म सिंचन कार्यक्रम के तहत आवश्यकतानुसार सिंचाई संसाधन का विकास। सीमेंट नालों का निर्माण।
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