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आईआईटियन ने फुटपाथ के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, 200 प्रोफेशनल पढ़ाने सड़कों पर उतर आए

नागपुर से शुरू हुई पहल आज मुंबई, पुणे होते हुए देश के कोने-कोने तक फैल गई।

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2017, 06:28 AM IST
200 Professionals Starts Foothpath Classes For Street Children
नागपुर. एक गांव की परिस्थितियों से संघर्ष कर आईआईटियन छात्र वरुण श्रीवास्तव ने अपनी पढ़ाई पूरी कर बड़ा मुकाम हासिल किया। इसके बाद उन्हें लगा मेरी पढ़ाई से दूसरों को क्या फायदा हुआ?
इसी ख्याल में डूबे रहने के बाद एक दिन अचानक वरूण ने फुटपाथ पर घूमने वाले बच्चों को शाम को पढ़ाना शुरू कर दिया। यह क्रम कई महीनों तक जारी रहा। इसे देखकर 200 विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल ऐसे बच्चों को पढ़ाने के लिए शाम को सड़कों पर उतर आए। नागपुर महाराष्ट्र से शुरू हुई यह पहल आज मुंबई, पुणे होते हुए देश के कोने-कोने तक फैल गई।
जुनून ऐसे हुआ हावी
उप्र, झांसी के गांव मोथ में रहने वाले वरुण श्रीवास्तव ने आईआईटी खड़गपुर से वर्ष 2009 में डिग्री ली। इसके बाद वर्ष 2010 में मौदा एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) के उपप्रबंधक के पद पर ज्वाइन हुए। यहीं से उन्होंने फुटपाथ के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों भी शाम की क्लास लगाकर पढ़ाया। उनका यह प्रयास देखकर कुछ प्रोफेशनल भी पढ़ाने के लिए आगे आए। इसके बाद यह क्लास नागपुर में कई जगहों पर एक साथ शुरू हो गई।
इस पाठशाला का नाम उन्होंने ‘उपाय’ रखा। इस प्रयास से कई प्रोफेशनल इतने प्रभावित हुए कि आज 200 लोग देश के कई क्षेत्रों में इसे शुरू कर चुके हैं। इसमें इंजीनियरिंग के छात्रों से लेकर सेवानिवृत्त अधिकारी अपना योगदान दे रहे हैं। नतीजा हर क्लास की स्ट्रेंथ 90 से लेकर 100 बच्चों तक पहुंच रही है।
8 जगहों पर चल रही है क्लास
‘उपाय’ कक्षा नागपुर शहर में 8 स्थलों पर चलाई जा रही है। तकरीबन 450 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। मूल रूप से स्ट्रीट चिल्ड्रन को लेकर शुरू की गई इस संकल्पना में अब गरीब घर के स्कूली बच्चे भी शामिल होने लगे हैं। महाराष्ट्र में पुणे और मुंबई के बाद भंडारा जिले के मौदा तहसील के गांवों में ऐसे कुल 20 केंद्र संचालित हैं।
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