नागपुर. कामठी के पोरवाल कॉलेज के ग्रंथालय परिचर को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने धरदबोचा। आरोपी पदमाकर तुकाराम शेंडे (40) राजाबाक्षा निवासी है। उसे सहसंचालक कार्यालय में यह रकम लेते हुए पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार सुरेंद्रगढ़ निवासी प्रभाकर निंबार्ते (68) कामठी स्थित सेठ पोरवाल महाविद्यालय से वर्ष 2006 में ग्रंथालय परिचर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
इसी जगह पर पदमाकर शेंडे नौकरी पर लगा था। सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभाकर ने छठवें वेतन आयोग के अनुसार 1 जनवरी 2006 से 31 अक्टूबर 2006 तक अर्जित रजा (छुट्टी) की रकम लेने के लिए सहसंचालक उच्च शिक्षण विभाग के पास आवेदन किया था। इस पर गत आठ वर्ष से शिक्षण विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। जुलाई 2014 को प्रभाकर ने उनकी जगह डयूटी पर लगे पदमाकर शेंडे से मुलाकात करने पोरवाल कॉलेज गए।
पदमाकर ने अर्जित रजा के 25 हजार रुपए की रकम दिलाने के लिए प्रभाकर से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। उसने कहा कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों की जेब में रुपए डाले काम नहीं होगा। नहीं तो तुम पिछले 8 वर्ष की तरह बस चक्कर लगाते रहोगे। प्रभाकर ने सोचा कि उन्हें 8 वर्ष से 25 हजार के लिए काफी चक्कर काटना पड़ा। पदमाकर ने पहले 5 हजार रुपए देने को कहा और 5 हजार रुपए काम होने के बाद। प्रभाकर रिश्वत देना नहीं चाहते थे।
उन्होंने एसीबी कार्यालय पहुंचकर सारी बात अधीक्षक प्रकाश जाधव को बताई। जाधव ने कार्रवाई का आदेश दिया। एसीबी के दस्ते ने मामले की छानबीन कर बुधवार को सहसंचालक शिक्षण विभाग कार्यालय नागपुर में जाल बिछाकर आरोपी पदमाकर शेंडे को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते धरदबोचा। पुलिस ने आरोपी पदमाकर के खिलाफ सीताबर्डी थाने में मामला दर्ज किया है।