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डाउनलोड करेंनागपुर. बिल्डर को पिस्तौल दिखाकर 65 लाख रुपए का हफ्ता मांगने के मामले में अपराध पुलिस शाखा ने डॉन संतोष आंबेकर सहित 5 आरोपियों को अदालत परिसर से धरदबोचा। यह कार्रवाई बुधवार को दोपहर के समय की गई। बताया जाता है कि आंबेकर और उसके साथी अग्रिम जमानत सुनवाई के लिए अदालत पहुंचे थे। वे अदालत परिसर से जैसे ही बाहर निकले, अपराध पुलिस शाखा ने संतोष आंबेकर , युवराज माथनकर, गौतम भटकर, आकाश बोरकर और संजय फातोडे को गिरफ्तार कर लिया।
उसे जमानत अर्जी की सुनवाई से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस बीच अदालत ने उसकी व साथियों की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया। चर्चा है कि आंबेकर और साथियों की गिरफ्तारी के समय उसके समर्थकों ने हंगामा करने का प्रयास भी किया। इस अंदेशे के चलते पुलिस ने पहले ही वहां सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कर रखा था। आंबेकर की गिरफ्तारी से अपराध जगत के लोगों में खलबली मच गई।
अंबाझरी के बिल्डर जीतेंद्र अयोध्याप्रसाद चव्हाण ने पिछले वर्ष राहुल वासनिक से करीब ढाई करोड़ में एक बंगले की जगह खरीदी थी। इस भूखंड के लिए जीतेंद्र और राहुल के बीच काफी लेन-देन हो चुका था। यह रकम राहुल की पत्नी पूनम पाना चाहती थी। लेकिन राहुल उसे यह रकम देना नहीं चाहता था। पूनम वासनिक के हस्ताक्षर के बिना राहुल वह जमीन बेच नहीं सकता था। पूनम इसी बात का फायदा उठाकर राहुल के पीछे रुपए लेने को लगी थी।
इधर चव्हाण ने राहुल को बाकी रकम देना बंद कर दिया था। उसके बाद राहुल, पूनम और चव्हाण ने आपस में बैठक करके मामला निपटाने की बात की थी। इस दौरान डॉन संतोष आंबेकर और उसके साथी युवराज, गौतम, आकाश और संजय को यह बात पता चली। 14 दिसंबर को आरोपी आंबेकर और उसके साथियों ने बिल्डर जीतेंद्र चव्हाण को पिस्तौल दिखाकर उससे 65 लाख रुपए का हफ्ता मांगा। आरोप है कि चव्हाण से आरोपियों ने कोरे धनादेश पर हस्ताक्षर भी करा लिया था। घटना के बाद चव्हाण ने अंबाझरी थाने में शिकायत की। तब से आंबेकर और उसके साथी फरार थे।
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