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यात्रियों से गूंजने लगा हज हाउस, अब मंगलवार सुबह हज के लिए भरेंगे उड़ान

7 वर्ष पहले
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नागपुर। साल भर बंद पड़ा हज हाउस हजयात्रियों की विदाई के लिए खुला है। हज हाउस में चहल-पहल शुरू हो गई है। पहले दिन हजयात्रा पर रवाना होने वालों का रविवार को रिपोर्टिंग के लिए आना-जाना लगा रहने से हज हाउस में चहल-पहल रही। हजयात्रियों की पहली फ्लाइट नागपुर एयरपोर्ट से मंगलवार की सुबह 6.20 बजे हजयात्रियों को लेकर हवा में उड़ान भरेंगी। इसमें 235 हजयात्री सवार रहेंगे।
दूसरी फ्लाइट उसी दिन सुबह 10.30 बजे रवाना होगी। इसमें भी 235 हजयात्री रवार रहेंगे। हज हाउस से चार घंटे पहले उन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। हज हाउस में उनके सामान की डाग बनाने से लेकर एहराम पहनाने तक पुुरी तैयारी करा ली जाएगी। इसमें सुविधा के लिए आठ घंटे पहले हजयात्रियों को हज हाउस आने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
हजयात्रियों का आगमन

विदर्भ के विभिन्न शहरों से हजयात्री सोमवार को हज हाउस पहुंचेंगें। वहां उनके दस्तावेजों की अंतिम प्रक्रिया पर मुहर लगाकर विदाई दी जाएगी। शहर के हजयात्री एयरपोर्ट जाने के ऐन वक्त पर हज हाउस पहुंचेंगे। परंतु विदर्भ के विभिन्न जिलों के हजयात्रियों का शाम से ही हज हाउस में आगमन शुुरू हो जाएगा। उनके साथ और भी लोगों के आने से हज हाउस में भीड़ लगेंगी। इसे नियंत्रित करने के लिए हजयात्रियों को सेवा दे रही स्वयंसेवी संस्था सेंट्रल तंजीम कमेटी के स्वयंसेवक भीतरी द्वार पर और पुलिसकर्मी मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात किए जाएंगे।
हज हाउस के बाहर वाहनों के आवागनमन पर यातायात पुलिस का नियंत्रण रहेगा। बाहर से आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही बैरिकेड्स लगाए जा चुके हैं। हज हाउस में ठहरे हजयात्री और उनके साथ वालों के आने-जाने के लिए इस बार अलग से प्रवेश द्वार की व्यवस्था की गई है। पेडाल से गुजरने वाले रास्ते से वे आवाजाही कर सकेंगे।

चंद पुलिसकर्मियों के कंधों पर सुरक्षा

नागपुर इंबार्केशन सेंटर से विदर्भ के 11 जिलों के साथ मध्य प्रदेश के चार जिले और छत्तीसगढ़ के हजयात्री पवित्र तीर्थक्षेत्र मक्का-मदीन के लिए प्रस्थान करते हैं। हज हाउस से उन्हें विदाई दी जाती है। हज हाउस मुस्लिम धर्मावलंबियों की आस्था जुड़ा विषय है। इस लिहाज से इसकी सुरक्षा उतनी ही मायने रखती है। दो हजार से अधिक हजयात्री यहां से यात्रा आरंभ करेंगे। उन्हें विदाई देने के लिए एक हजयात्री के साथ औरसतन 50 व्यक्ति के हिसाब से एक लाख से अधिक लोग चार दिनों में यहां इकट्ठे होंगे। हर बार की तरह इस बार भी उनकी सुरक्षा केवल चंद पुलिसकर्मियों के कंधों पर रहेगी।