नागपुर. केबल ऑपरेटरों द्वारा गलत जानकारी दिये जाने से राजस्व को लग रहे नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर केबल सर्वेक्षण का निर्णय लिया है। यह सर्वेक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक घरों तक पहुंच रखने वाली गैस एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
फिलहाल राज्य सरकार ने शहर में सेट टॉप बॉक्स अनिवार्य किया है। ऐसे में शहर के प्रत्येक केबल धारक का हिसाब-किताब केबल ऑपरेटर्स के पास है। इसका ब्यौरा जिला प्रशासन को देना भी अनिवार्य है। सेट टॉप बॉक्स अनुसार प्रशासन शुल्क वसूल रहा है। प्रत्येक सेट टॉप बॉक्स पर 45 रुपए राजस्व वसूल किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सेट टॉप बॉक्स योजना लागू नहीं होने से वहां के केबल कनेक्शन की अचूक जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। केबल ऑपरेटर इसकी जानकारी छुपा रहे हैं। इससे मनोरंजन कर विभाग को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में केबल सर्वेक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
खबर है कि 1 जनवरी 2016 से ग्रामीण क्षेत्र में भी सेट टॉप बॉक्स अनिवार्य किया जा रहा है। लिहाजा, केबल कनेक्शन के सही आंकड़ों की जरूरत है और इसलिए सर्वेक्षण की जरूरत बतायी जा रही है। गैस एजेंसियों की इसके लिए मदद ली जाएगी। बताया गया कि सर्वेक्षण में प्रशासन का पुराना अनुभव बहुत खराब रहा है। केबल सर्वेक्षण के दौरान पिछली बार मकान मालिकों ने कर्मचारियों को घरों में घुसने नहीं दिया था। ऐसे में केबल कनेक्शन के आंकड़ों की वास्तविक जानकारी सामने नहीं आ पायी है।
ग्रामीण क्षेत्र में किया जाएगा सर्वे
बताया गया कि गैस एजेंसी के कर्मचारी प्रत्येक घरों तक पहुंचते हैं। ऐसे में इनकी मदद लेकर प्रत्येक घरों तक पहुंचकर केबल कनेक्शन की जानकारी ली जाएगी। इस बाबत विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयुक्त द्वारा बैठक लिये जाने की जानकारी है। ग्रामीण क्षेत्र में केबल कनेक्शन का सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पहले राजस्व विभाग के कर्मचारियों से यह सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया गया था। किन्तु आयुक्त ने गैस एजेंसी के मार्फत इसे पूरा करने की सूचना दी है। जिस पर अब अगली योजना बनायी जा रही है।