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डाउनलोड करेंभंडारा. मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हण ने गोसी प्रकल्पग्रस्तों के पुनर्वास के लिए 1199 करोड़ का पैकेज देने की घोषणा की है। वे गोसीखुर्द का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद यहां की राजीव टेकड़ी प्रकल्पग्रस्तों व किसानों की सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकल्प के कारण भंडारा, नागपुर व चंद्रपुर जिले का मुखड़ा बदल जाएगा। इस प्रकल्प से २.५० लाख हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि अब यह प्रकल्प राष्ट्रीय प्रकल्प हो चुका है। इसे जल्दपूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन केंद्र की योजना अंतर्गत मिलने वाली निधि पुनर्वसन के लिए खर्च नहीं की जा सकती।
इसके लिए राज्य सरकार को बजट के बाहर की राशि 1200 करोड़ रुपए का नियोजन पुनर्वास के लिए करना पड़ रहा है। 1199 करोड़ 60 लाख रुपए का नियोजन तैयार है। 120 अधिकारियों के अलग-अलग कार्यालय तैयार किए जाएंगे। वैकल्पिक कृषिभूमि के लिए नगद राशि, भूमिहीनों के लिए खेती खरीदी के लिए सहायता, जानवरों के लिए तबेला निर्माण तथा घरों के निर्माण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नाग नदी के प्रदूषित पानी के शुद्धिकरण के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल, सासंद मुकुल वासनिक, सांसद मारोतराव कोवासे, जलापूर्ति मंत्री सुनील तटकरे, राजेंद्र मुलक, विधायक राजेंद्र जैन, विधायक सुधीर पारवरे, पूर्व राज्यमंत्री बंडू सावरबांधे, पूर्व विधायक एस.क्यू.जमा, विभागीय आयुक्त बी.वी. गोपाला रेड्डïी, नागपुर के जिलाधिकारी सौरभ राव, भंडारा के जिलाधिकारी सचिंद्र प्रताप सिंह, कार्यकारी संचालक झपके उपस्थित थे।
खेतीपूरक व्यवसाय अपनाएं युवा : पवार
केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि उत्कृष्ठ खेती व औद्योगिकीकरण का मिलाप होने पर विदर्भ का विकास कोई भी नहींं रोक पाएगा। उन्होंने कहा कि देश में 60 प्रतिशत किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम खेती है। आज के युवाओं को खेतीपूरक व्यवसाय करने की जरूरत है। पवार भंडारा जिले के मुंडीपार में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जाने वाले कारखाने के भूमिपूजन के अवसर पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, कंपनी शुरुआती दौर में इस उद्योग में 500 करोड़ रुपए की लागत लगाएगी।
वहीं दूसरे चरण में 2 हजार करोड़ रुपए की लागत लगाएगी। इससे इस क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री प्रफुल पटेल ने कहा कि भेल के इस प्रकल्प के माध्यम से विदर्भ में विकास की गंगा बहेगी। शीघ्र ही सोलर पैनल प्रकल्प का काम शुरू होगा। यह प्रकल्प 24 महीने में पूर्ण होने की संभावना है।
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