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राज्य सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेसी, 15 साल बाद दिखा ये नज़ारा

6 वर्ष पहले
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नागपुर. चुनावी हार से उभरने में जुटी कांग्रेस, लगभग 15 साल बाद सोमवार को सड़कों पर दिखीं। सालों बाद सड़कों पर उतरने से कांग्रेसियों में कुछ असहजता भी दिखी। विरोध और आंदोलनों से लंबी दूरी बनने से वेरायटी चौक पर कांग्रेसियों में जोश का फर्क भी नजर आया। किन्तु युति सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 100 दिन की युति सरकार पर कांग्रेस ने वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए क्रमबद्ध तरीके से एक-एक वादे गिनाये। वेरायटी चौक पर रास्ता रोककर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास ठाकरे व पूर्व मंत्री नितीन राऊत के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। हालांकि कुछ कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने से बचने के लिए चौक के ईद-गिर्द घूमते दिखे। गिरफ्तारी देने वालों में शेख हुसैन, नगरसेवक प्रफुल्ल गुडधे, नगरसेविका पद्मा उईके, प्रेरणा कापसे, मंदा वैरागडे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
पूर्व पालकमंत्री नितीन राऊत ने कहा कि भाजपा ने टोल मुक्ति करने का आश्वासन दिया था, किन्तु टोल मुक्ति न करते हुए नये टोल शुरू किए जा रहे हैं। सत्ता में आते ही एलबीटी रद्द करने की घोषणा करने वाले अब चुप्पी साधे बैठे हैं। मनपा में सत्ता में आते ही विभिन्न कर बढ़ा दिए हैं। रिलायन्स टॉवर के लिए जगह-जगह रास्ते खोदे जा रहे हैं, जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घरेलू, छोटे उद्योग, पॉवरलूम को बिजली बिल में आघाड़ी सरकार की ओर से दी गई 20 प्रतिशत छूट युति सरकार ने बंद कर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला है। राज्य की गरीब जनता के लिए अन्न सुरक्षा अभियान अंतर्गत कांग्रेस सरकार ने 117 करोड़ रुपए दिए थे। यह अंशदान भाजपा-शिवसेना सरकार द्वारा बंद करने से गरीबों पर संकट टूट पड़ा है।
300 से कम कामगार होने पर किसी भी समय अपना उद्योग बंद करने की छूट कंपनियों को देने का निर्णय मौजूदा सरकार द्वारा लिये जाने से रोजगार का संकट मंडरा रहा है। किसानों को कर्ज माफी का आश्वासन दिया था, किन्तु सत्ता में आते ही पलट गए। सूखाग्रस्त किसानों को प्रति हेक्टेयर 4500 रुपए मदद जाहिर करते हुए 2 हेक्टेयर तक सीमा लादने से अन्य किसान बाहर हो गए हंै। कांग्रेस ने किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 46 डॉलर प्रति बैरल हुई। इस अनुसार पेट्रोल प्रति लीटर 35 रुपए और डीजल 23 रुपए प्रति लीटर होना था। किन्तु मोदी सरकार ने पेट्रोल -डीजल के दाम दोगुना रखकर जनता को लूटा है।