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मामले को पहले किया रफा दफा का प्रयास, घेराव हुआ तो फिर दर्ज हुआ हत्या का मामला

8 वर्ष पहले
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नागपुर। निर्माणाधीन इमारत की छठी मंजिल से गिरकर हुई एक मजदूर की मौत के मामले में नंदनवन पुलिस ने शुक्रवार को धारा 304 अ का मामला दर्ज कर लिया। संजय तुलसी मानकर (23) मिनीमाता नगर निवासी की 9 मई को सुबह 10:30 बजे मौत हो गयी थी। पहले नंदनवन पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को थाने का घेराव किए जाने पर पुलिस ने अपनी लापरवाही छुपाने के लिए बिल्डर सहित तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया।

आरोप है कि शिवसेना के कार्यकर्ता थाने नहीं पहुंचते तो पुलिस मामले को पूरी तरह दबा चुकी थी। नंदनवन के थानेदार सुनील जैस्वाल की भूमिका पर लोग सवाल उठा रहे हैं। थाने का घेराव करने वाले आंदोलनकारियों ने कहा कि आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज करने वाले थाने के पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

जानकारी के अनुसार संजय मानकर मिनीमाता नगर में पत्नी, बेटा और बेटी के साथ रहता था। संजय मजदूरी कर परिवार पालता था। घर में कमाने वाला वह अकेला था। इन दिनों वह नंदनवन में ताज कंस्ट्रक्शन कंपनी की निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी कर रहा था।

बताया जाता है कि गुरुवार को सुबह 9:30 बजे वह मजदूरी लेने ताज कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय में गया था। मजदूरी नहीं मिलने पर वह इमारत की छठवीं मंजिल पर ईंटें चढ़ाने लगा। इमारत पांच मंजिल तक बन गई है, छठी मंजिल का काम शुरू है। ईंटें ढोते समय संजय का शारीरिक संतुलन बिगड़ गया। वह लिफ्ट की जगह पर गिर पड़ा। वह नीचे गिरते ही बेहोश हो गया।

उसके बाद मजदूर जमा हो गया। घटना की जानकारी कंपनी के लोगों को दी गई। उसके बाद उसकी मौत हो जाने पर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया। इस प्रकरण को लेकर शुक्रवार को शिवसेना के पार्षद जगतराम सिन्हा ने अपने कार्यकर्ताओं सुनील वर्मा, गोलू गुप्ता, छगन सोनवणे, नीलेश पटले, सुरेश वाडीकर, नरेश शाहू, प्रमिला यादव, संतुबाई गेंदरे, सुनीता श्रीवास व मृतक संजय मानकर के परिजनों के साथ दोपहर में नंदनवन थाने का घेराव किया।

आंदोलनकारियों की मांग थी कि जब तक नंदनवन पुलिस संबंधित बिल्डर पवार, चावला, नरड व कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करेगी, तब तक वे संजय का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और उसका शव भी मेडिकल अस्पताल से नहीं ले जाएंगे। घटना की सूचना मिलने पर एसीपी एम. कुमरे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों के साथ अन्याय नहीं होगा।

कुमरे ने थानेदार जैस्वाल को उचित कार्रवाई का आदेश दिया। तब आंदोलनकारी शांत हुए। पुलिस ने बिल्डर पवार, चावला समेत चार लोगों पर धारा 304 अ के तहत मामला दर्ज किया है। इस बारे में पूछताछ करने पर देर रात तक पुलिस टालमटोल वाला जवाब देती रही।

लिफ्ट में पड़ा रहा तीन घंटे

जगतराम सिन्हा ने आरोप लगाते हुए कहा कि संजय लिफ्ट के गड्ढे में करीब 3 घंटे तक पड़ा रहा। उसके बाद उसे मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल अस्पताल में ले जाने से पहले उसे एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। उसकी हालत देखते हुए निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मेडिकल अस्पताल भेज दिया। मेडिकल में उसकी मौत हो जाने पर नंदनवन पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था।

शिवसेना करेगी आंदोलन

शिवसेना के पार्षद जगतराम सिन्हा ने चेतावनी दी है कि इस मामले को थानेदार जैस्वाल ने दबाने का प्रयास किया। थानेदार जैस्वाल ने ऐसा क्यों किया। उनकी भूमिका की जांच नहीं किए जाने पर शिवसेना सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। नंदनवन पुलिस ने गरीब परिवार से जुड़ा होने के कारण पहले दिन आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया।

सिन्हा ने कहा कि थानेदार को घटना की जानकारी न दी गई हो, ऐसा हो नहीं सकता। शुक्रवार को जब शिवसेना ने थाने का घेराव किया तब उन्होंने एसीपी एम. कुमरे के कहने पर दो बिल्डरों सहित चार लोगों पर मामला दर्ज किया। इसलिए उनकी भूमिका की जांच कर गरीब परिवर के साथ न्याय किया जाए।