वर्धा, यवतमाल, गोंदिया, अमरावती. विदर्भ के विभिन्न जिलों में मंगलवार आधी रात के बाद हुई बेमौसम बारिश और तेज आंधी से रबी की फसलांे को भारी नुकसान पहुंचा। वहीं खेतों में काट कर रखे गए फसलों के ढेर व मंडियों में रखा अनाज भी खराब हो गया। वर्धा जिले में गेहूं, चना, संतरा, टमाटर व केले की फसल और फलों के बगीचे तहस-नहस हो गए हैं। राजस्व विभाग द्वारा प्राथमिक रिपोर्ट में क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे किए जाने की जानकारी मिली है। वर्धा जिले की समुद्रपुर तहसील के जाम में गाज गिरने से एक बैल की मौत हो गई। वर्धा, हिंगणघाट, आर्वी, आष्टी शहीद, कारंजा घाड़गे, देवली, समुद्रपुर व सेलू तहसील में कपास की फसल खराब हो गई। खेतों में कटाई कर लगाए गए तुअर के ढेर गीले होने से भी किसानों को नुकसान हुआ है।
यवतमाल में तुअर की फसल को दोहरा नुकसान
यवतमाल जिले में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। बेमौसम बारिश की मार तुअर और कपास की फसलों पर भी पड़ी है। गत माह भी खराब मौसम के चलते तुअर की फली परिपक्व नहीं हो पाई थीं। विभिन्न बीमारियों के दुष्प्रभाव से तुअर के उत्पादन में भारी कमी आई है। ऐसे में आई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं।
हिंगणघाट में उपज मंडी में रखा अनाज हुआ गीला: हिंगणघाट तहसील की उपज मंडी में रखा अनाज गीला हो गया। आष्टी शहीद तहसील में कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप रही। इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ा।
गोंदिया में भी दिखा असर: गोंदिया में बारिश की मार खरबूज, मिर्च, आम के बौर, टमाटर, चना, लखोड़ी आदि पर पड़ी है।
अमरावती के धामणगांव में 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल प्रभावित अमरावती जिले में सर्वाधिक असर गेंहू की फसल पर पड़ा है। साथ ही अंबिया बहार और तुअर को भी आंशिक नुकसान होने के समाचार धामणगांव रेलवे तहसील में 15 हजार हेक्टेयर में बोया गया गेहूं झुक गया है। संतरा और चना की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। शिरजगांव कसबे में संतरा की अंबिया बहार चौपट हो गई हैं। खेतों में रखा तुअर का ढेर भीगकर खराब हो गया।
वर्धा में तेज हवाओं के साथ 21.2 मिमी बारिश
वर्धा में पिछले 24 घंटों में आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हुई। यहां कुल 21.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग की मानें तो कम दबाव का क्षेत्र निर्माण होने से वर्धा शहर सहित जिले में आगामी दो-तीन दिन रुक-रुककर बारिश होती रहेगी।