नागपुर. जिला प्रशासन ने गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर डिप्टी सिग्नल रेलवे कालोनी स्थित एक आलीशान मकान पर छापा मारकर लगभग 83 सिलेंडर जब्त किए। इसमें घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं। मामले को दबाने के लिए देर रात तक जिला प्रशासन पर जबरदस्त दबाव होने की खबर है। देर रात तक मामले को गुप्त रखा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डिप्टी सिग्नल रेलवे कालोनी में कारोबारी कमल तपाडिय़ा का दो मंजिला आलीशान मकान है। इसी मकान के तल मंजिल पर मिनरल वाटर की फैक्टरी भी चलती है। इमारत के गोदामों में मिनरल वाटर की आड़ में घरेलू व कर्मिर्शयल सिलेंडर छिपाए गए थे।
गुप्त सूचना : गुरुवार को रियायशी इलाके में अवैध रूप से फैक्टरी चलने व सिलेंडर की कालाबाजारी होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली। बताया गया कि जिला आपूर्ति अधिकारी नरेश वंजारी के मार्गदर्शन में यहां छापा मारा गया। कलमना पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की। इमारत में एचपी व इंडेन के लगभग 83 घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर मिले। चर्चा है कि इस इमारत में तपाडिय़ा परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता। यहां मिनरल वाटर की फैक्टरी है और कमल का साला यहां से सिलेंडर की कालाबाजारी करता है।
मिलीभगत
सिलेंडरों को निजी जगहों पर स्टाक करके रखना गंभीर मामला है। यह जीवनावश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3, 7 के तहत आता है। यह गैर-जमानती अपराध है। कंपनी के अधिकारी व डीलर की अनुमति के बगैर सिलेंडर का अवैध जखीरा रखना संभव नहीं है। लिहाजा, इंडेन व एचपी कंपनी के अधिकारी व गैस डीलर के भी इसमें मिले होने की चर्चा है।
जानकारी देने से बचते रहे
इस संबंध में जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी नरेश वंजारी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक बार भी
मोबाइल उठाने की जरूरत नहीं समझी। कलमना पुलिस भी जानकारी देने से बचती रही। घटनास्थल पर जो पुलिस अधिकारी पहुंचे, वे भी जानकारी देने से बचते रहे। कुल मिलाकर मामले को लेकर संदेह जताया जा रहा है। थानेदार बंडीवार ने देर रात को बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी पर जानकारी देने से बचते रहे।
नेताओं से करीबी संबंध
चर्चा है कि कारोबारी तपाडिया के सियासी नेताओं से करीबी संबंध है। छापा पडऩे के बाद ही राजनीतिक नेताओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाने की खबर है। एक नेता के तो घटनास्थल पर पहुंचने की भी खबर है। नेताओं के दबाव के कारण ही देर रात तक मामले को गुप्त रखा गया। कलमना पुलिस की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई जिला प्रशासन की है और वे तो सिर्फ बंदोबस्त देने गए हैं। लिखित में शिकायत आने पर कार्रवाई करने की सफाई देर रात को दी। सिलेंडर की कालाबाजारी का मामला सीधे पुलिस दर्ज कर सकती है।
शहर में सिलेंडर की किल्लत
एक तरफ शहर में सिलेंडर की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है और दूसरी ओर सिलेंडर का अवैध जखीरा मिल रहा है। उपभोक्ताओं को 15-15 दिनों तक घरेलू सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। पूर्व नागपुर के दो डीलर सिलेंडर विलंब से देने के लिए कुख्यात हैं। कंपनी का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर सिलेंडर घर पहुंचना चाहिए। गहराई से जांच की तो कालाबाजारी में लिप्त सारे लोग सामने आ सकते हैं। सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत पैदा कर माल कमाने की चर्चा है।