विदर्भ के गडचिरोली, चंद्रपुर, गोंदिया तथा भंडारा जिले में विधानसभा चुनाव के दौरान नक्सली साया रहेगा। इसमें अब नागपुर जिले का नाम भी जुड़ गया है। आमतौर पर नागपुर जिले को शांत माना जाता है, लेकिन अब नागपुर जिले में भी नक्सलियों का साया मंडराने लगा है। किसी अनहोनी को टालने के लिए सभी जिलों की सीमाओं पर नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। गडचिरोली जिले में पोलिंग पार्टी को भेजने तथा नक्सलियों से सुरक्षा की दृष्टि से तीन हेलिकाप्टर मांंगे गए हैं।
नागपुर जिले की सीमा से सटे राज्यों के करीब ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान की गई है, जहां नक्सली मतदान को प्रभावित कर रहे हैं। 4 क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर नक्सल प्रभाव माना जा रहा है। इसमें सावनेर तहसील अंतर्गत केलवद, खापा, पारशिवनी और देवलापार क्षेत्र के मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है। हालांकि पिछले 5 साल में इन केंद्रों के आसपास किसी तरह की नक्सलियां गतिविधियां नहीं हुई हैं। लेकिन गड़चिरोली सहित अन्य स्थानों पर बढ़ती नक्सली वारदातों ने इन केंद्रों को चर्चा में ला दिया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी इन क्षेत्रों को अपने रॉडार पर लाया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों से जुडऩे वाली सभी अंतरराज्यीय सीमाओं को सील करने के आदेश दे दिए हैं। 24 घंटे की नाकाबंदी की जा रही है।
हर आने-जाने वाले राहगीर से लेकर दोपहिया वालों की भी जांच सघनता से की जा रही है। सीमा से सटे राज्यों के पुलिस प्रशासन से भी इसकी मदद ली जा रही है। विशेष बात यह है कि गड़चिरोली और छत्तीसगढ़ से आवागमन करने वालों की विशेष निगरानी की जा रही है।
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