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पुलिस रिपोर्ट लिखती रही , हमलावर चाकू घोंपते रहे, पुलिस की लापरवाही उजागर

7 वर्ष पहले
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नागपुर. यशोधरा नगर क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात से एक बार फिर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। पुलिस आटो चालक की रिपोर्ट लिखती रही और हमलावर उसके भाई को चाकूओं से गोदते रहे। उसकी मौत हो गई। घटना को मामूली विवाद के चलते पिता-पुत्रों ने कुछ लोगों की मदद से अंजाम दिया। तीनों पिता-पुत्रों को गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

सोनू उर्फ दिलशाद इरशाद अहमद मलिक (परवेज नगर निवासी) आटो चालक है। रविवार की दोपहर जब वह कमाल चौक स्थित स्टैंड पर आटो लेकर खड़ा था, तभी आटो चालक मित्र काजू शेख ने शराब पीने के लिए उससे 100 रुपए मांगे। इनकार करने पर दोनों में विवाद हुआ। काजू ने उसे तमाचा जड़ दिया। आए दिन काजू व्दारा शराब के लिए रुपए मांगने से त्रस्त सोनू उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा। भनक लगते ही काजू के पिता नन्हे शेख, भाई कालू, रिश्तेदार अरमान, रुस्तम व अन्य पांच से छह लोग लाठी, काठी और चाकू से लैस होकर सोनू के घर हमला करने निकले।
तभी वनदेवी नगर मार्ग पर उन्हें सोनू का भाई मोनू दिखा। हमलावरों ने उसे घेर लिया। सोनू का गुस्सा मोनू पर उतारते हुए लाठी से उसका सिर फोड़ दिया। शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से वार किए। हमले में गंभीर रुप से घायल मोनू उर्फ इजहार अहमद मलिक (20) की मौत हो गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने इसकी पुष्टि की। दिनदहाड़े बीच सड़क पर हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत व तनावपूर्ण माहौल रहा। घटना के बाद अन्य हमलावर तो भाग गए, परंतु तीनों आरोपी पिता-पुत्र नन्हें शेख, काजू और कालू पुलिस के हाथ लग गए। उन्हें गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

पिता-पुत्रों की दहशत
आरोपी पिता-पुत्र कुख्यात बदमाश हैं। कई गंभीर प्रकरण उनके खिलाफ दर्ज हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ मिली शिकायत को देखते हुए पुलिस कागजी कार्रवाई में उलझने की बजाय मौके पर जाने की तत्पता दिखाती तो शायद मोनू को बचाया जा सकता था। सोनू को घंटों थाने में बिठाकर रखा गया था, तब तक हमलावरों ने उसके भाई की हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत देने थाने आ रहा सोनू बीच रास्ते में ही होगा, तभी यह घटना हुई। मोनू अविवाहित था।