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केरोसिन टैंकर में भीषण विस्फोट,चालक की मौत, डिपो मालिक का भतीजा घायल

8 वर्ष पहले
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नागपुर। शहर के पूर्वी क्षेत्र में हिवरी नगर स्थित केरोसिन डिपो में शुक्रवार को दोहरा धमाका हुआ। इससे टैंकर और सिलिंडर के परखच्चे उड़ गए। घटना के दौरान केबिन में टैंकर चालक की जलकर मौत हो गई, जबकि डिपो मालिक का भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसा रिहायशी क्षेत्र में होने से अफरा-तफरी मच गई थी। आग सर्वप्रथम केरोसिन के टैंकर में लगी, उसके बाद उसे बुझाने के लिए जब अग्निशमन यंत्र खोला गया तो उसमें भी धमाका हो गया। मौके पर दमकल कर्मियों ने पहुंच कर आग बुझाई। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

हिवरी नगर स्थित प्लाट नंबर 3 में ईश्वरदास ऑटोमोबाइल्स केरोसिन डीलर्स के नाम से डिपो है। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे वहां पर खड़े केरोसिन के टैंकर क्र. एमएच 35, 501 में तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया, जिससे उसका पिछला हिस्सा उड़ गया।

टैंकर में ज्वलनशील पदार्थ होने से आग ने देखते ही देखते रौद्र रूप धारण कर लिया। उपरोक्त टैंकर के पीछे खड़ा दूसरा टैंकर क्र. एमएच 31सीबी 4151 भी आग की चपेट में आ गया। इस दौरान वहां उपस्थित लोग जान बचा कर इधर-उधर भागने लगे।

केबिन से नहीं निकल पाया चालक
बताया गया कि जिस वक्त धमाका हुआ, उस वक्त चालक उत्तम कटरे (35) खापरी निवासी टैंकर के केबिन में बैठा हुआ था। आग की तेज लपटों से वह बाहर नहीं निकल सका, जिससे केबिन में ही उसकी जल कर मौत हो गई। हादसे के कुछ समय पहले ही डिपो मालिक आनंद बेहार पुनापुर पारडी निवासी बैंक में रुपए जमा कराने गए हुए थे। हादसे की दमकल व पुलिस को सूचना दी गई। बाद में चार दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया गया।

एक दिन पहले ही खरीदा था टैंकर
मामले को लेकर लीपापोती किए जाने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आनंद ने एक दिन पहले ही 9 तारीख को उपरोक्त टैंकर अशोक जोधवानी मेकोसाबाग निवासी से खरीदा था और दूसरे ही दिन यह भीषण हादसा हो गया।

लोग घरों से भागे
धमाका इतना तेज था कि परिसर दहल उठा। रिहायशी क्षेत्र में हुए इस हादसे से लोग जान बचाकर भागने की फिराक में घरों से बाहर निकल पड़े। धमाके से पड़ोसी के छत की पानी टंकी भी फूट गई। जुगल शर्मा नामक व्यक्ति ने बताया कि आग की भयावहता देख कर उनके रोंगटे खड़े गए।

आस-पड़ोस के लोगों ने अपनी-अपनी छतों से पानी छोड़ कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उसके बाद दमकल के चार वाहन व पुलिस मौके पर पहुंची। आधे घंटे के भीतर आग पर काबू पाया गया।

अग्निशमन यंत्र भी फटा
तबाही का मंजर देख डिपो मालिक का चचेरा भाई दिलीप बेहार, जो डिपो के समीप ही निवासरत है, जान जोखिम मेें डाल कर अग्निशमन यंत्र को लाने के लिए हादसे के बीच में कूद पड़ा। दिलप सरकारी नौकरी में है। उसे अग्निशमन यंत्र खोलने व चलाने का अनुभव नहीं है। इसके बावजूद उसने यंत्र खोल दिया। यह देखकर उनका पुत्र जयंत भी मदद करने आ गया। दिलीप ने जैसे ही यंत्र खोला, वैसे ही उसकी गैस की चपेट में आ गया।

इस दौरान अग्निशमन यंत्र भी फट गया। वह पालिटेक्निक महाविद्यालय का छात्र है। उसे निजी अस्पताल के अतिदक्षता विभाग मेंं भर्ती किया गया है। उसकी नाजुक हालत देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल शल्यक्रिया करने का निर्णय लिया। जयंत अस्पताल में गंभीर स्थिति में है।

प्रशासन खामोश
डिपो मालिक का पेट्रोल पंप भी है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि डिपो रिहायशी बस्ती में होने से उसे हटाने के लिए कई बार उन्होने संबंधित विभाग को शिकायती पत्र दिया था, फिर भी प्रशासन खामोश रहा। आरोप है मामले को ले-दे कर दबा दिया गया।