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लोकायुक्त से मोहभंग, सिर्फ 3% मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें सही

7 वर्ष पहले
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नागपुर. राज्य में लोकायुक्त को अब तक प्राप्त शिकायतों में से महज 1 फीसदी मामलों में ही सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं मंत्रियों के खिलाफ मिलीं शिकायतों में से केवल 3 प्रतिशत मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गईं थीं। इसकी वजह से लोकायुक्त से लोगों का मोहभंग हो रहा है।

लिहाजा लोकायुक्त के यहां आने वाली शिकायतों में साल दर साल कमी आ रही है। आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है। जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा हासिल की गई है।
गलगली ने लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त से गत 15 वर्ष में प्राप्त शिकायतें और उन पर की गई कार्रवाई के अलावा मंत्रियों के खिलाफ आई शिकायतें एवं उन पर की गई कारवाई की जानकारी मांगी थी। जिसके जवाब में जन सूचना अधिकारी और सहायक प्रबंधक बोराडे ने यह जानकारी दी।
इनके खिलाफ सही पाई गईं थीं शिकायतें
गत 15 वर्ष में मंत्रियों के खिलाफ 127 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से सिर्फ 5 शिकायतें ही सही पाई गई हैं। इनमें तत्कालीन मंत्री छगन भुजबल, नवाब मलिक, कृपाशंकर सिंह, सय्यद अहमद, डॉ. सुलेखा कुंभारे शामिल हैं।
हकीकत बताते आंकड़े
पिछले 15 साल में लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त के पास 2 लाख 6 हजार 269 शिकायतें आईं, जिनमें से केवल एक फीसदी यानी 2034 मामलों में ही सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की गई। जबकि 65.32 फीसदी यानी 1,34,749 शिकायतों का निपटारा हो सका।
राजस्व-वनविभाग की सर्वाधिक शिकायतंे:लोकायुक्त और उप लोकायुक्त के पास सबसे अधिक शिकायतें राजस्व और वन विभाग के खिलाफ मिली हैं। वहीं वर्ष 2013 मंे लाेकायुक्त को मंत्रियों के खिलाफ 6 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि वर्ष 2014 मंे मंत्रियों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली।
एक नजर कम होती शिकायतों पर
आरटीआई से मिली जानकारी से पता चलता है कि लोकायुक्त को प्राप्त होने वाली शिकायतों में साल दर साल कमी आ रही है। राज्य में लोकायुक्त के गठन के बाद साल 2000 से 2005 तक हर साल करीब 10 हजार शिकायतें मिलीं। लेकिन पिछले पांच सालों में शिकायतें पांच से सात हजार पर सिमट गई।
फिलहाल लोकायुक्त और उप लोकायुक्त पद रिक्त
महाराष्ट्र में शायद यह पहली बार हो रहा है कि लोकायुक्त और उप लोकायुक्त दोनों पद रिक्त हैं। पहले जब लोकायुक्त का कार्यकाल खत्म होता था तब उप लोकायुक्त उनका कार्यभार संभालते थे। लोकायुक्त जस्टिस पुरुषोत्तम बा. गायकवाड का कार्यकाल 1 जुलाई 2014 और उप लोकायुक्त जॉनी जोसेफ का कार्यकाल इसी वर्ष 30 नवंबर 2014 को समाप्त हो गया था।